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3 करोड़ 10 लाख रुपए की जल जीवन मिशन योजना नहीं कर पाई कंठ तर….पढ़ें यह न्यूज

जेजेएम योजना के कार्य में देरी से काम नहीं हो पाया पूरा। कस्बे की 50 फीसदी आबादी इधर-उधर से कर रही पानी का जुगाड़।

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कठूमर. उपखंड मुख्यालय कठूमर पर तीन करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से जल जीवन मिशन योजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। विभाग ने योजना का काम 10 मार्च 2024 तक पूरा होने का साइन बोर्ड भी लगा दिया। हालांकि विभागीय नियमों के अनुसार साइन बोर्ड को काम शुरू होने पर लगा दिया जाता है, लेकिन काम भी नियत समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

कठूमर की जल जीवन मिशन योजना से सम्बंधित ठेकेदार व विभागीय उदासीनता के चलते कस्बे की नई बसावट में रह रही कुल आबादी की पचास फीसदी आबादी पानी से वंचित हैं और इस भीषण गर्मी में निजी साधनों से इधर-उधर से पानी का जुगाड कर रहे हैं।

जल स्तर गया गहराई में

कठूमर कस्बे की पुरानी बसावट में ही जलदाय विभाग की ओर से नलों से पानी की सप्लाई की जा रही है। नई बसावट में पानी की पूर्ति के लिए निजी समरसिबल, सार्वजनिक छोटी टंकी, रिक्शा आदि से पानी की पूर्ति कर रहे थे, लेकिन जल स्तर गहराई में चले जाने के कारण इनमें पानी आना बहुत कम हो गया या फिर बिल्कुल ही सूख गए। ऐसे में नई बसावट खेरली रोड, खेरली बायपास, मसारी रोड, रेटा रोड, अस्पताल के सामने, भनोखर रोड आदि पर लोग जैसे-तैसे कर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।

यह होना है काम

कस्बे में पानी की आपूर्ति के लिए 2047 की संभावित आबादी की आवश्यकतानुसार तीन करोड़ दस लाख रुपए की लागत से स्वीकृत जेजेएम योजना में पांच नए ट्यूबवेल, एक उच्च जलाशय, 22 किमी सप्लाई व वितरक पाइपलाइन, पम्प हाउस आदि तैयार किए जाने थे और जुलाई 2022 में शुरू हुआ ये काम मार्च 2023 में पूरा होना था। जलदाय विभाग ने काम पूरा होने का बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन अभी लाइन बिछाने का काम भी पूरा नहीं हुआ और अधिकतर काॅलोनियों को छोड़कर लाइनों का मिलान भी नहीं हुआ है। विभाग ने दो तीन नई काॅलोनियों में टेस्टिंग किए महीनों हो गए, लेकिन सपलाई शुरू नहीं हो पाई है। पूरे कस्बे में पानी वितरण करने के लिए लगाए गए पाइपों में टोंटी भी नहीं लग पाई। विभाग को इन कामों को पूरा करने में महीनों लग जाएंगे। ऐसे में आरोप लग रहे है कि कस्बे में पानी सप्लाई जल्द शुरू करने का जलदाय विभाग का दावा खोखला साबित हो रहा है और इस गर्मी में भी नई काॅलोनियों के बाशिंदों को पानी नहीं मिल पाएगा।

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यह बोले लोग

इस गर्मी में पानी की उम्मीद नहीं

मनोज आमेरिया का कहना है कि पुरानी आबादी के चारों तरफ नई बसावट हो गई है। इन रिहायशी काॅलोनियों में हजारों लोग रहते हैं। जेजेएम योजना शुरू होने के साथ नलों से पानी की पूर्ति की आस जगी थी, लेकिन कार्य में लेट-लतीफी से लोगों को इस गर्मी में पानी की उम्मीद नहीं है।

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हो रही है परेशानी

इन्द्रा जैन का कहना है कि इन काॅलोनियों में विभाग की ओर से पानी की सप्लाई नहीं होने से पानी का इधर-उधर से जुगाड करना पड़ रहा है। निजी जल स्रोतों में पानी सूख जाने से गर्मी में पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जबकि विभाग के तय मानकों के अनुसार मार्च के महीने में ही जल जीवन मिशन का पानी मिलना चाहिए था।

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टेस्टिंग का काम जारी है

सहायक अभियंता पीएचईडी कठूमर राहुल अवस्थी का कहना है कि उच्च जलाशय बनने की जगह पर विवाद होने की वजह से जल जीवन मिशन योजना का कस्बे में काम देरी से शुरू हुआ। कस्बे में अधिकांश जगह पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। टेस्टिंग का काम भी जारी है और अधिकतम एक माह में सम्पूर्णकस्बेवासियों को पानी मिलने लग जाएगा।

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दस दिन में पानी शुरू करने को आश्वस्त किया

नगर पालिका कठूमर के चेयरमैन शेरसिंह मीणा का कहना है कि जल जीवन मिशन योजना को जल्द पूरा कराने के लिए विभाग व सम्बंधित ठेकेदार से सम्पर्क में हूं और सम्बंधित संवेदक ने दस दिन में पानी शुरू करने को आश्वस्त किया है। 10 दिन में काम पूरा नहीं होने पर सरकार को सख्त शिकायत की जाएगी।

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