
नरूका राजवंश की स्मृतियों को समेटे है गांव थानाराजाजी
अलवर. अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर अरावली पर्वतमालाओं के बीच थानाराजाजी गांव सौलह सौ ईस्वी में राव कल्याण सिंह के पौत्र ठाकुर माधोसिंह ने बसाया था। थाणा गांव नरूका राजवंश अतीत की अनेक स्मृतियों को अपने आंचल में समेटे हुए है। पच्चीस नवम्बर 1775 ईस्वी को राव प्रताप सिंह ने अलवर राज्य की स्थापना की थी किन्तु उनके कोई संतान नहीं थी। इस पर उन्होंने अपने जीवनकाल में ही संत 1785 में थाणा के ठाकुर धीरसिंह के द्वितीय पुत्र बख्तावर सिंह को गोद ले लिया। ठाकुर धीरसिंह के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र ठाकुर सलह सिंह थाणा के जागीदार बने । उनके द्वारा निर्मित सलह सागर नामक कुआं बाग के समीप उनकी स्मृति चिन्ह के रूप में बना था। लेकिन अब गांव में सलह सिंह के कुएं के अवशेष भी नहीं बचे हंै। कुछ वृद्धों का कहना है जयपुर राज्य का थाणा यही था, गांव में सबसे प्राचीन रानी सती महारानी की छतरी, राजा -रानी कुण्ड व राजाजी का बाग सहित अनेक मंदिर मौजूद है, गांव मे सैय्यद बाबा का प्राचीन स्थान बना हुआ।
नक्शे से बनाया गया थानाराजाजी गांव
पुरानी बसावट को छोडक़र थानाराजाजी गांव नक्शे के अनुसार बनाया गया है। गांव में पक्के मकान, प्रत्येक गली में सीसी सडक़ व गंदे पानी के निकास के लिए नालियां बनी हुई है, गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि, निजी व्यवसाय व मजदूरी है। ग्रामवासी बाजरा, मक्का, चना, सरसों, गेहूं की फसल पैदा करते है। इसके अलावा पशुपालन कर ग्रामीण अपना पालन-पोषण करते है। थानाराजाजी ग्राम पंचायत की आबादी करीब साढ़े छह हजार है। यहां मीना जाति के 150, माली जाति के 135, बैरवा जाति के 125, राजपूत जाति के 10, जांगिड़ जाति के 10, महाजन 10, बंजारा जाति के 100, कोली जाति के 6, खटीक जाति के 5, हरिजन जाति के 5, प्रजापत 8, राणा मीना 2, यादव 80, नाई 2, ब्राह्मण तीन परिवार रहते हंै।
गांव में सभी प्रकार की सुविधा सुविधाएं
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीतारामजी का मंदिर, आयुर्वेद औषधालय, पटवार घर, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, साबोला में प्राथमिक विद्यालय, किसान सेवा केन्द्र, सह विलेज सेन्टर, हनुमान मंदिर, नर्सिंग भगवान का मंदिर, दो निजी आईटीआई, एक बीएड एसटीसी कॉलेज, एक निजी महाविद्यालय व एक निजी उच्च माध्यमिक व सैकण्डरी विद्यालय, शिव मंदिर, भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मौजूद है। बिजली की व्यवस्था सुचारू है। ग्राम पंचायत में सात आंगनबाड़ी केन्द्र बने हुए है।
हाइवे निकलने से जमीन हुई कीमती
गांव में करीब एक सौ पैंसठ बीघा जमीन कृषि उपयोग की है। थानाराजाजी गांव में होकर अलवर -सिकन्दरा मेगा हाईवे निकलने के बाद जमीन के भाव आसमान छूने लगे है। कई लोग जमीन बेचकर करोड़पति बन गए हंै। थानाराजाजी गांव के मेेगा हाइवे पर जगह-जगह प्लॉटिंग कर नई -नई कॉलोनियां बसने लगी है।
पेयजल की समस्या
भूजल स्तर नीचे चले जाने के कारण लोगों का कृषि व्यवसाय बहुत कम हो गया है तथा गांव मेें पानी की समस्या बनी हुई है। नल योजना बनी होने के बावजूद भी पेयजल की किल्लत का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। थानाराजाजी ग्राम पंचायत में धामला बास, घुसिंगा बास, थाना, साबोला, छतरी का बास, खरखड़ा, मांडलबास, जोरवाल बास, नाडी बास, चांदा बास, नीमडी का बास शामिल है। रेवन्यूविलेज थानाराजाजी, साबोला व खरखड़ा गांव है।
Published on:
07 Jan 2021 05:41 pm

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