मामला हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच पहुंचा, जहां पर लालमन की गिरफ़्तारी न कर पाने को लेकर मामले में हाईकोर्ट ने एसपी अजय सिंह को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद डीजीपी ने 29 अप्रैल को लालमन की गिरफ़्तारी के लिये 50 हजार रुपये ईनाम की घोषणा की। इतना ही नहीं उसकी गिरफ्तारी के लिए जिले की पुलिस के अलावा यूपी एसटीएफ को जिम्मा सौंप दिया। स्वाट टीम और एसटीएफ कई बार लालमन को गिरफ्तार करने के लिये उसके गांव पहुंची, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही थी, क्योंकि लालमन मोबाईल का इस्तेमाल नहीं करता था। आखिर में स्वाट टीम ने मुखबिरों का एक ऐसा जाल बिछाया, जिसके माध्यम से पुलिस सटीक सुराग के आधार पर उसे गिरफ्तार करने में सफल हो गई।