2.65 लाख रुपए लेने के बाद फोन करने वालों ने फिर कॉल किया और कहा कि उक्त एरिया में कोई और अप्लाई नहीं कर सके, इसकी एनओसी के नाम पर 7 लाख 75 हजार रुपए और मांगे गए। इसके बाद ठेकेदार को संदेह हुआ तो उसने एड्रेस चेक किया। जांच में एड्रेस फर्जी (Chhattisgarh fraud) निकला।