हाईकोर्ट ने पूर्व टीआई को किया तलब, पूर्व गृहमंत्री के प्रोटोकॉल में लगी स्कार्पियो हुई थी चोरी

15 फरवरी को उच्च न्यायालय में पूर्व टीआई को होना है उपस्थित, वर्ष 2015 में वाहन चोरी होने के बाद आरटीओ ने किया था पंजीयन

By: rampravesh vishwakarma

Published: 09 Feb 2018, 08:22 PM IST

अंबिकापुर. पूर्व गृहमंत्री के प्रोटोकॉल में लगी वाहन के चोरी होने के बाद भी आरटीओ कार्यालय द्वारा वाहन का पंजीयन किया गया था। पंजीयन के लिए वाहन मालिक द्वारा फर्जी पता भी बताया था। इसके बावजूद उसका पंजीयन कर दिया गया था। मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा ४२० व ३४ के तहत जुर्म तो पंजीबद्ध किया गया था।

लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर पूर्व आरटीओ, पूर्व गृहमंत्री के निज सचिव व वाहन मालिक के विरूद्ध किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसपर आरटीआई कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका प्रस्तुत की थी। मामले की सुनवाई के बाद कोतवाली टीआई को तत्काल चालान प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था।

लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर 15 फरवरी को कोतवाली के पूर्व टीआई को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर अपना जवाब पेश करने को कहा गया है।


ये था मामला
गौरतलब है कि कोतवाली पुलिस द्वारा आरटीआई कार्यकर्ता दिनेश सोनी की शिकायत पर पूर्व गृहमंत्री के प्रोटोकॉल में लगी स्कार्पियो की चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा मामले में स्कार्पियो मालिक शोभा गुप्ता, पूर्व गृहसचिव के निज सचिव विनोद गुप्ता व पूर्व आरटीओ एसके कंवर के खिलाफ जुर्म दर्ज कर विवेचना कर रही थी। लेकिन एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में न तो किसी पक्ष का बयान दर्ज किया गया और न ही किसी की गिरफ्तारी की गई।

मामले में आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा उच्च न्यायालय में एक रिट पिटिशन पेश किया गया था। उसपर न्यायाधीश गौतम भादुरी द्वारा 23 नवंबर 2016 को आदेश पारित करते हुए तत्काल अंतिम प्रतिवेदन व चालान उच्च न्यायालय में पेश करने को कहा गया था। लेकिन कोतवाली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी मामले में कोई रूची नहीं दिखाई।

मामले में आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना प्रकरण पेश किया गया। हाईकोर्ट द्वारा तात्कालीन टीआई नरेश चौहान को नोटिस जारी करते हुए 6 फरवरी को न्यायालय में पेश होकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

6 फरवरी को उच्च न्यायालय में तात्कालीन टीआई नरेश चौहान ने उपस्थित होकर जवाब दिया कि जब कोतवाली में मामला आया था, उस समय टीआई मणीशंकर चन्द्रा थे, और वर्तमान में कोतवाली के टीआई विनय सिंह बघेल हैं। हाईकोर्ट मामले में सिटी कोतवाली अंबिकापुर के पूर्व टीआई मणीशंकर चंद्रा को 15 फरवरी के पूर्व उपस्थित रहकर जवाब पेश करने का आदेश जारी किया है।

rampravesh vishwakarma Desk
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