मद्रास हाईकोर्ट ने 83 साल के एक सेवानिवृत ड्राइवर की ओर से लिखे गए भावुक पत्र को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
83 साल के सेवानिवृत्त ड्राइवर के लेटर पर मद्रास हाईकोर्ट ने किया सरकार से जवाब तलब। मद्रास हाईकोर्ट ने 83 साल के एक सेवानिवृत ड्राइवर की ओर से लिखे गए भावुक पत्र को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बुजुर्ग ने अपने पत्र में तमिलनाडु परिवहन निगम के उन पूर्व कर्मचारियों की इस तकलीफ के बारे में लिखा है, जिन्हें अब तक सेवानिवृति लाभ नहीं मिल सके हैं। न्यायमूर्ति एम वी मुरलीधरन और न्यायमूर्ति एन शेषाशयी की पीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 मई तय कर दी ।
उन्होंने न्यायालय से अपील की कि वे उनके बकाये के भुगतान के लिए प्रभावी और त्वरित कदम उठाएं ।बुर्जुग ने अपने पत्र में हाईकोर्ट से यह सवाल भी किया है क्या उसे और उसके परिवार के सदस्यों को बकाया राशि हासिल किए बगैर ही मर जाना चाहिए?