
स्वतंत्र स्कूल संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीएसई के उस सर्कुलर को चुनौती दी है जिसमें यह कहा गया है कि केवल एनसीईआरटी के पैनल में मौजूद प्रकाशकों की किताबें ही स्कूली शिक्षा का अंग बनाई जाएं। न्यायाधीश ए.के पाठक ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और सीबीएसई से जवाब मांगा है।
इस याचिका में कहा गया है कि एनसीईआरटी के पैनल में मौजूद सभी प्रकाशकों ने षड्यंत्र के तहत एकाधिकार स्थापित कर रखा है। इसके चलते बच्चों की किताबों के प्रकाशन में आविष्कार की संभावनाओं को गहरा धक्का पहुंच रहा है।
याचिका में कहा गया है कि हाल ही में जारी किए गए सीबीएसई के सर्कुलर में सभी स्कूलों को केवल एनसीआरटी के पैनल में मौजूद प्रकाशकों द्वारा जारी किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर दिया गया है। ऐसा करना नियमों के विरूद्ध है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एनसीईआरटी का काम रिसर्च और ट्रेनिंग पर ध्यान देना है। स्कूली किताबों के प्रकाशन को लेकर उसके पास कोई अधिकार नहीं है।