पीएम मोदी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा निर्णय लेने के बाद सेना ने कदम उठाया है। सेना अरुणाचल के सीमावर्ती क्षेत्र में 100 ब्रह्मोस तैनात करेगी। इसके लिए 4,300 करोड़ रुपए का अलग बजट है।
नई दिल्ली. सुरक्षा के मद्देनजर अरुणाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल तैनात करने के निर्णय ने चीन की चिंता बढ़ा दी है। इससे नाराज ड्रैगन की भौहें भी भारत के खिलाफ टेढ़ी होने लगी है।
चीन की सरकारी मीडिया पीएलए डेली ने तो भारत सरकार को चेतावनी तक दे डाली है। डेली ने बताया है कि भारत का यह निर्णय सही नहीं है और चीन भी इसके माकूल जवाब दे सकता है।
तैनाती पर आएगा 4,300 करोड़ खर्च
पीएम मोदी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा निर्णय लेने के बाद सेना ने कदम उठाया है। सेना अरुणाचल के सीमावर्ती क्षेत्र में 100 ब्रह्मोस तैनात करेगी। इसके लिए 4,300 करोड़ रुपए का अलग बजट है।
ब्रह्मोस की जद में आया तिब्बत और यूनान प्रांत
भारत के इस निर्णय पर सवाल खड़ा करते हुए चीन की सरकारी मीडिया पीएलए डेली ने भारत सरकार को चेतावनी भरे लहजे में बताया है कि सुरक्षा का हवाला देकर भारत आगे चलकर सुखोई और एसयू-39एमकेआई की भी सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात कर सकता है।
इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ब्रह्मोस की तैनाती से तिब्बत और यूनान प्रांत उसके टारगेट में आ गया है। इससे चीन भी प्रभावी कदम उठाने के लिए मजबूर होगा।
डेली ने आरोप लगाया है कि भारत ने यह कदम चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में आाधरभूत ढांचे को मजबूत करने एवं तिब्बत और जिनजियांग क्षेत्र में हवाई अड्डा, सड़क, रेल नेटवर्क विस्तार के बाद उठाया है।
मिसाइल के दायरे में चीनी क्षेत्र
100 ब्रह्मोस
05 मोबाइल लॉंन्चर्स
01 कमांड पोस्ट
4,300 करोड़ रु बजट
ब्रह्मोस की खासियत
290 किमी मारक क्षमता
2.8 गुणा तेजी (आवाज) से वार करने की क्षमता
300 किग्रा का वारहेड ढोने की क्षमता