कुछ ऐसी है ‘छोटा राजन’ की गिरफ्तारी की कहानी… 

पिछले करीब 27 साल से भारतीय एजेंसियों को चकमा देने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की पहचान में उसकी अंगुलियों के निशान की बड़ी भूमिका रही है। ये निशान आस्ट्रेलिया में इकठ्ठे किए गए।

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Nov 07, 2015
पिछले करीब 27 साल से भारतीय एजेंसियों को चकमा देने वाले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की पहचान में उसकी अंगुलियों के निशान की बड़ी भूमिका रही है। ये निशान आस्ट्रेलिया में इकठ्ठे किए गए।

राजेन्द्र सदाशिव निकालजे उर्फ छोटा राजन अपने नए ठिकाने की खोज में आस्ट्रेलिया से निकला था। उसके पास करीब 10 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा और 15 सेट कपड़े थे।


सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन(इंटरपोल) की भारतीय एजेंसी के तौर पर कार्य करने वाले केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने आस्ट्रेलियाई इंटरपोल की मदद से छोटा राजन की अंगुलियों के निशान आस्ट्रेलिया के विभिन्न ठिकानों से उठाए और उनका मिलान इंटरपोल के पास मौजूद निशान से किया गया।
Interpol

इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने के बाद आस्ट्रेलियाई इंटरपोल और इंडियन इंटरपोल यानी सीबीआई पिछले छह माह से उसे पकडऩे के लिए सक्रिय थीं। जांच एजेंसी को यह पता चला था कि छोटा राजन की आस्ट्रेलियाई रेजिडेंसी वीजा अवधि 31 अक्टूबर 2015 को समाप्त हो रही है।
Chhota Rajan

अंडरवर्ल्ड डॉन अपनी वीजा अवधि बढ़ाने के प्रयास में जुटा था, लेकिर इंटरपोल और सीबीआई की सक्रियता के कारण वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाया था और अंतत: उसने छह दिन पहले ठिकाना बदलने का मन बनाया था।
chhota rajan

सूत्रों का दावा है कि वह इंडोनेशिया सहित चार देशों में अपना ठिकाना तलाश रहा था, जहां से उसके अपराध का साम्राज्य चल सके, लेकिन आस्ट्रेलिया से निकलते वक्त ही आस्ट्रेलियाई इंटरपोल और इंडियन इंटरपोल ने इंडोनिशयाई इंटरपोल को सूचित कर दिया था और अंडरवर्ल्ड डॉन अंतत: बाली से गिरफ्तार किया गया।
Published on:
07 Nov 2015 09:57 pm
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