सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्रतिबंध को वह असंवैधानिक मानती हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां फैसले के खिलाफ आगे आए और मोदी सरकार के खिलाफ एक साथ खड़े हों।
पशु वध और कत्ल के लिए जानवरों की खरीद-फरोख्त पर जाने वाली लगाई रोक के बाद मोदी सरकार पूरे देश में विरोध का सामना कर रही है। जहां कांग्रेस और लेफ्ट के बाद सोमवार को पश्मिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तमिलनाडु में डीएमके ने सरकार पर निशाना तेज कर दिया। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के पशु वध को लेकर लिए गए फैसले के खिलाफ मोदी सरकार पर जमकर हमला किया।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्रतिबंध को वह असंवैधानिक मानती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर केंद्र की सरकार क्या चाहती है। सरकार का यह आदेश रमजान के इस पाक महीने में ही क्यों लागू किया गया। इस मामले को लेकर वह अदालत जाने की भी चेतावनी दी है। साथ ही कहा कि इस फैसले के खिलाफ वह कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगी।
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वह सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से आवाह्न करती हैं कि वह सभी आगे आए और मोदी सरकार के इस फैसले के खिलाफ एक साथ खड़े हो। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसके बाद अब सरकार गाय के दूध पर भी बैन लगा सकती है। उनका कहना कि गाय को वह भी अपना माता मानते हैं, लेकिन इस समस्या को सुलझाने का यह तरीका सही नहीं है।
पशु वध के लिए जानवरों की खरीद-बिक्री पर रोक से जुड़े केंद्र के नोटिफिकेशन पर ममता बनर्जी ने निशाना साधते हुए कहा कि क्या लोग गायों को ताले में बंद करके रखें। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से सबसे अधिक नुकसान गरीब किसानों को होगा। उनका कहना कि गायों को हम बिहार और यूपी के राज्यों से खरीदते हैं और उसका निर्यात बांग्लादेश में करते हैं। ऐसे में किसानों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि देश में सरकार आती हैं और जाती हैं। लेकिन किसी को लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि पशु वध से जुड़ा केंद्र सरकार का आदेश सीधे तौर पर राज्य की प्रदत शक्तियों में केंद्र का हस्तक्षेप है। जो कि नैतिक नहीं है। हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।