राजनाथ सिंह ने कहा कि हम कश्मीर में बार-बार तनाव और हिंसा नहीं होने दे सकते। हम कश्मीर को जलने नहीं दे सकते।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर को लेकर कहा कि उनकी सरकार के पास कश्मीर समस्या के स्थायी निदान का रोडमैप तैयार है और बातचीत के लिए अलगाववादियों को आमंत्रित किए जाने की संभावना से भी इन्कार कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा है कि देश की अखंडता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा।
राजनाथ सिंह ने रविवार को राजग सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि हमारी सरकार कश्मीर के स्थायी समाधान का रोडमैप तैयार कर चुकी है। इसके लिए हमने प्रयास करना भी शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शांति की पहल करने वालों का स्वागत है।
उनसे जब इस समाधान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में सबके सामने चर्चा करना जल्दबाजी होगी। पर देश को भरोसा दिलाते हैं कि हमने कश्मीर, कश्मीरी और कश्मीरियत को ध्यान में रखते हुए कश्मीर मुद्दे का 'स्थायी समाधान' निकाला है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हम कश्मीर में बार-बार तनाव और हिंसा नहीं होने दे सकते। हम कश्मीर को जलने नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वह हुर्रियत कांफ्रेंस समेत सभी पक्षकारों से बातचीत के लिए तैयार हैं। जो भी बात करना चाहता है, हम उससे बात करने के लिए राजी हैं।
राजनाथ ने कहा, “हमने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया। पिछले साल मैं कश्मीर गया था और वहां सभी पक्षों से बात करने के लिए तीन दिन रुका था। जो वार्ता करना चाहते हैं, वे आगे आएं। यहां तक कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खुद अलगाववादियों को चिट्ठी लिखी थी। हम किसी को न्यौता नहीं देंगे आने का।