एयरचीफ मार्शल अरुप राहा ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि अगर भारत ने अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया होता तो पाक अधिकृत कश्मीर भारत के हिस्से में होता।
एयरचीफ मार्शल अरुप राहा ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि अगर भारत ने अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया होता तो पाक अधिकृत कश्मीर भारत के हिस्से में होता।
राहा ने कहा कि भारत ने सैन्य समाधान से ज्यादा बातचीत से हल निकालने का प्रयास किया। वायुसेना का सही इस्तेमाल तत्कालीन सरकार ने नहीं किया। राहा ने आगे अपने बयान में कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर आज भी गले में कांटे की तरह चुभता है।
साहा के मुताबिक 1956 में भी हमने राजनीतिक कारणों से पूर्वी पाकिस्तान पर हवाई हमले नहीं किए जबकि पाकिस्तान ने कई हवाई हमले करके हमारे एअर बेस को तबाह कर दिया था पर हमने कभी भी जवाबी हवाई हमला नहीं किया।
हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हालात का फ़ायदा उठाने में जुटा पाकिस्तान ऐसा कुछ नहीं कर पाता, अगर कश्मीर के एक हिस्से पर उसने कब्ज़ा नहीं कर रखा होता।
भारतीय वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने यह बात दिल्ली में एक सेमिनार में सीधे तौर पर कही। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पीओके अभी भी हमारे आंखो में चुभता है।
राहा ने आगे कहा कि साल 1971 में ही भारत ने अपनी हवाई ताकत का पूरा इस्तेमाल किया जिसके फलस्वरुप बांगलादेश आजाद हो गया। पर स्थिति बदल गई है और हमारी हवाई सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है।