तेलंगाना कांग्रेस के प्रभारी दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर तेलंगाना सरकार ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वह अपने बयान वापस लें या फिर अपने दावा से संबंधित सबूत पेश करें।
गुरुवार को तेलंगाना पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ फर्जी आईएस वेबसाइट के मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है। कांग्रेस नेता सिंह ने पिछले दिनों तेलंगाना पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य की पुलिस ने मुस्लिम युवाओं को फंसाने के लिए आंतकी संगठन इस्लामिक स्टेट की फर्जी बेवसाइट का इस्तेमाल करती है।
तो वहीं हैदराबाद पुलिस ने टीआरएस के विधायक एम. गोपीनाथ और एक अन्य व्यक्ति की शिकायत पर दिग्विजय सिंह पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ धारा 505, 505 (1) बी और 505 (2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। जहां जानबूझ कर लोगों को भ्रम में डालने वाला बयान देने के साथ संकट में डालने का आरोप लगा है।
पिछले दिनों दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा था कि तेलंगाना पुलिस ने एक फर्जी तौर पर बेवसाइट तैयार की है। जिसके जरिए मुस्लिम युवाओं को आईएस में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके बाद उन्होंने अपने अगले ट्वीट में सीएम चंद्रशेखर राव सवाल करते हुए कहा था कि क्या प्रदेश के सीएम ने राज्य पुलिस को मुस्लिम युवकों को आईएस में शामिल होने के लिए प्रेरित कर उनको फंसाने का अधिकार दे रखा है? क्या यह सही है?
वहीं उनके बयान के बाद पुलिस ने कानूनी राय लेने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। और कहा है कि अगर भविष्य में जरुरत पड़ी तो दिग्विजय सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। तो वहीं तेलंगाना पुलिस प्रमुख ने कहा कि इस तरह के बेबुनियाद बयान से देश विरोधी ताकतों को बल मिलेगा और पुलिस की छवि खराब होने के साथ उनका मनोबल भी गिरेगा।
गौरतलब है कि तेलंगाना कांग्रेस के प्रभारी दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर तेलंगाना सरकार ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वह अपने बयान वापस लें या फिर अपने दावा से संबंधित सबूत पेश करें। तो वहीं प्रदेश के सीएम चंद्रशेखर राव के पुत्र और राज्य के कैबिनेट मंत्री केटी रामा राव ने कहा था कि अगर दिग्विजय सिंह अपने बयान वापस नहीं लेते हैं तो हमें उनके खिलाफ दूसरे अन्य विकल्पों के बारे में सोचना पड़ेगा।