इमेज मैसेजिंग आैर मल्टीमीडिया मोबाइल एप स्नैपचैट के सीर्इआे इवान स्पीगल की एक बात भारतीयों को पसंद नहीं आर्इ है।
इमेज मैसेजिंग आैर मल्टीमीडिया मोबाइल एप स्नैपचैट के सीर्इआे इवान स्पीगल की एक बात भारतीयों को पसंद नहीं आर्इ है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खबर ली गर्इ है। दरअसल, स्पीगल ने कारोबार की संभावनाआें के लिहाज से भारत को बहुत गरीब देश करार दिया था। इसके बाद ही यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथ लेना शुरू किया। इसके बाद यूजर्स ने #boycottsnapchat और #uninstallsnapchat के साथ ट्विटर पर जमकर कमेंट किए।
ये मामला उस वक्त शुरू हुआ जब कंपनी के एक कर्मचारी ने कंपनी के भारत में धीमे विस्तार की अपनी चिंताआें से स्पीगल को अवगत कराना चाहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीगल ने कर्मचारी की बात को बीच में ही काटते हुए कहा कि ये एेप अमीर लोगाें के लिए है। भारत आैर स्पेन जैसे गरीब देशों में इसका विस्तार करने की इच्छा नहीं है।
ये खबर मीडिया में आते ही वे ट्विटर यूजर्स के निशाने पर आ गए। लोगों ने ट्विटर जैसे सेाशल प्लेटफाॅर्म पर स्पीगल की जमकर खबर ली। हम आपको बता दें कि भारत में स्नैपचैट यूजर्स की संख्या करीब 40 लाख से ज्यादा मानी जा रही है।
आए एेसे-एेसे कमेंट
एक यूजर ने लिखा, 'मैं गीता पर हाथ रखकर कसम खाता हूं कि ये अमीर एप कभी भी इस्तेमाल नहीं करूंगा'।
एक दूसरे ने लिखा, 'सुन स्नैपचैट के राजा जितना कार तेरा साल भर में पेट्रोल पीती है न, उतना तेल तो हम भारतीय हर शनिवार को शनिदेव को चढ़ा देते हैं।'
तो वहीं एक ने स्नैपचैट सीर्इआे आैर मुकेश अंबानी की तुलना करते हुए लिखा कि मुकेश अंबानी सात बार स्नैपचैट खरीद सकते हैं बस इतने ही गरीब हैं।