वर्ष 2014 से राज्य में 2,739 किमी नए ट्रैक बिछाए गए जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क से भी ज़्यादा
केंद्रीय बजट में रेलवे के तहत गुजरात को 17155 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। यह 2014 से पहले के 589 करोड़ रुपए के औसत परिव्यय का 29 गुना है। वर्ष 2014 से गुजरात में 2,739 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं,जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क से भी ज़्यादा है। 2014 से 3,144 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकृत किया गया है। इसके साथ ही गुजरात 97% विद्युतीकृत हो चुका है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को यह जानकारी दी।नई दिल्ली के रेल भवन के मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 30,826 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 2950 किलोमीटर की चल रही 42 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि देश को अगले दो से तीन वर्षों में 200 नई वंदे भारत ट्रेनें, 100 अमृत भारत ट्रेनें, 50 नमो भारत रैपिड रेल और 17,500 सामान्य नॉन एसी कोच मिलने की उम्मीद है। इस वर्ष के बजट में रेलवे की 4.60 लाख करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का उल्लेख है। बजट में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस वर्ष व्यय के लिए 1.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक की महत्वपूर्ण राशि आवंटित की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि 6303 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 87 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इन स्टेशनों में अहमदाबाद, चांदलोडिया, आणंद, अंकलेश्वर, असारवा, भचाऊ राजकोट का भक्तिनगर , भाणवड, भावनगर, द्वारका, गांधीधाम, गोधरा, गोंडल, हिम्मतनगर, जामनगर, जूनागढ़ आदि शामिल हैं।