-एक करोड़ का कमीशन पाया, शिक्षकों, पूर्व शिक्षकों सहित 1300 लोगों से कराया 70 करोड़ का निवेश
बीजेड ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भूपेंद्र सिंह झाला के मुख्य एजेंटों में से एक विनोद पटेल को सीआईडी क्राइम की टीम ने गुरुवार को धर दबोचा है। इसके साथ ही इस मामले में मुख्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 पर पहुंच गई है।
सीआईडी क्राइम के पुलिस अधीक्षक हिमांशु वर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम विनोद पटेल है। यह एक प्राइमरी स्कूल का प्रधानाचार्य है। इसने बीजेड फायनेंशियल सर्विस की मोडासा में फ्रेंचाइजी ली थी। यह खुद एक शिक्षक है। ऐसे में इसने भूपेंद्र सिंह झाला की स्कीमों में अपने परिचय का उपयोग करते हुए शिक्षकों और पूर्व शिक्षकों सहित 1300 लोगों से करीब 70 करोड़ रुपए का निवेश कराया था। इसके लिए उसे झाला की ओर से करीब एक करोड़ रुपए का कमीशन भी दिया गया था।
जांच में यह तथ्य सामने आने पर विनोद पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि इसने साबरकांठा और अरवल्ली जिले के शिक्षकों से निवेश कराया था। इसने खुद भी यह आरोप कबूल किया है। भूपेंद्र सिंह झाला की ओर से इसे महंगी कार भी गिफ्ट में दी गई थी। इसका फोटो भी वायरल हुआ था।
सीआईडी क्राइम ब्रांच की ओर से इस संबंध में झाला के विरुद्ध तीन अलग अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। भूपेंद्र सिंह झाला की ओर से अलग अलग कंपनियां खोलकर सात से 18 फीसदी ब्याज का झांसा देकर अब तक करीब 422 करोड़ रुपए लोगों से वसूलने की बात सामने आई है। इसमें से 6866 लोगों के 172 करोड़ रुपए नहीं चुकाकर ठगी की होने की बात सामने आई है। यह खुद भी पुराने निवेशकों में से एक है।