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राजकोट मंडल के हापा यार्ड में 35.41 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक संयुक्त वैगन शेड तैयार

नई सुविधा से रोजाना 56 वैगनों की मरम्मत क्षमता, माल परिवहन होगा और तेज

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हापा यार्ड में तैयार अत्याधुनिक संयुक्त वैगन शेड।

राजकोट. जामनगर. पश्चिम रेलवे के राजकोट रेल मंडल के तहत हापा यार्ड में 35.41 करोड़ रुपए की लागत से माल वैगनों के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक संयुक्त वैगन शेड का निर्माण किया गया है।
राजकोट की गति शक्ति यूनिट की ओर से यह प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (रोड सेफ्टी) अमित मनुवाल के मार्गदर्शन तथा राजकोट के मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना के दिशा-निर्देशों में राजकोट के मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) सुधीर दुबे एवं टीम ने पूरा किया।
वर्तमान में मात्र डेढ़ वर्ष के रिकॉर्ड समय में इस परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस नई सुविधा के शुरू होने से विभिन्न प्रकार के माल वैगनों के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव का कार्य अब अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

आधुनिक सुविधाएं

नए वैगन शेड का आकार 172 मीटर गुणा 25 मीटर है तथा इसकी अधिकतम ऊंचाई 16.5 मीटर है। इसमें ट्रस के बिना स्व-समर्थित हल्के वजन की प्रोफ्लेक्स रूफ शीट लगाई गई है। शेड के अंदर वैगनों के रखरखाव के लिए तीन रेलवे ट्रैक उपलब्ध कराए गए हैं तथा भारी सामग्री के उपयोग के दौरान फर्श को सुरक्षित रखने के लिए हार्डोनाइट फ्लोरिंग की गई है। वैगनों के ऊपरी हिस्से के निरीक्षण के लिए लाइन संख्या 1 और 3 के साथ निरीक्षण गैंट्री तथा प्रत्येक 17 मीटर की दूरी पर निरीक्षण प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। नए शेड को राजकोट दिशा से लाइन नं. 22 से जोड़ा गया है, जबकि एसी लोको ट्रिप शेड को लाइन नं. 24 से अलग बिजली कनेक्टिविटी प्रदान की गई है।
इनके अलावा इस प्रोजेक्ट के तहत 78 मीटर गुणा 9 मीटर का आधुनिक प्रशासनिक भवन भी बनाया गया है, इसमें भूतल पर 10 कक्ष तथा प्रथम तल पर 12 कक्ष बनाए गए हैं। इसमें महिला कर्मचारियों के लिए अलग महिला विश्राम कक्ष की भी व्यवस्था है। परिसर में अलग पार्किंग क्षेत्र, सेवा मार्ग (सीसी रोड) तथा जल आपूर्ति के लिए भूमिगत जल टैंक का निर्माण भी किया गया है। इसे मौजूदा ओवरहेड टैंक से जोड़कर वैगन शेड और प्रशासनिक भवन में पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
राजकोट के मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना के अनुसार पहले प्रतिदिन लगभग 12 वैगनों की मरम्मत संभव थी, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर 56 वैगन प्रतिदिन हो जाएगी। इसके साथ ही रूटीन ओवरहॉलिंग आउटटर्न 70 वैगन प्रति माह से बढ़कर 125 से अधिक वैगन प्रति माह होने की संभावना है।