
गांधीनगर. लोबल वार्मिंग तथा दिन-प्रतिदिन बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। इस स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य के सभी सरकारी-अर्ध सरकारी कार्यालयों, बोर्ड-निगमों तथा सार्वजनिक भवनों में ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा बचत के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया गया है।
ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल तथा सड़क एवं भवन विभाग के अनुसार, राज्य के सरकारी कार्यालय तथा प्रशासनिक भवन में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की बचत की जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत बिजली बचत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर (एसी) का डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रखना अनिवार्य होगा। कार्यालयों के कॉरिडोर, मीटिंग रूम, पार्किंग क्षेत्र तथा शौचालयों में स्वतः संचालित ऑक्यूपेंसी सेंसर एवं टाइमर आधारित ऑटोमेशन कंट्रोल सिस्टम (सेंसर आधारित लाइट) स्थापित किए जाएंगे। शाम 6 बजे से सुबह 9 बजे तक वॉटर कूलर बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
सभी सरकारी भवनों में आधुनिक एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी तथा भविष्य में होने वाली खरीद में केवल 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी। मनपा एवं नपा में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएम) के माध्यम से स्ट्रीट लाइटों के चालू एवं बंद होने का समय सूर्योदय एवं सूर्यास्त के खगोलीय समय से केंद्रीय रूप से जोड़ा जाएगा। ताकि प्रतिदिन लगभग 60 मिनट की प्रत्यक्ष बिजली बचत होगी। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक कम ट्रैफिक वाले समय में प्रायोगिक आधार पर एकांतर खंभों की स्ट्रीट लाइटें बंद रखने की भी योजना बनाई गई है।
बहुमंजिला भवनों में लिफ्ट के उपयोग को कम कर सीढ़ियों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाए जाएंगे। पर्याप्त खुली जगह की उपलब्धता वाले सरकारी कार्यालयों में सोलर पैनल सिस्टम स्थापित करने की आवश्यक योजना बनाई जाएगी। सभी विभागों को आगामी 45 दिनों के भीतर अपना ‘ऑफिस एनर्जी एफिशिएंसी एक्शन प्लान’ तैयार कर गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (जीईएडी) में पेश करना होगा।