जामनगर. बेडी इलाके के साइचा गिरोह के 11 सदस्यों पर गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया गया है। दो साल पहले कांग्रेस नेता सह जामनगर सुन्नी मुस्लिम वाघेर समाज के अध्यक्ष हारुन पलेजा की साइचा गिरोह के सदस्यों ने हत्या कर दी थी।
सिटी बी डिवीजन पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा, शेष की तलाश जारी
जामनगर. बेडी इलाके के साइचा गिरोह के 11 सदस्यों पर गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया गया है। दो साल पहले कांग्रेस नेता सह जामनगर सुन्नी मुस्लिम वाघेर समाज के अध्यक्ष हारुन पलेजा की साइचा गिरोह के सदस्यों ने हत्या कर दी थी।
जानकारी के अनुसार, गिरोह के एजाज साइचा, असगर साइचा, हनीफ साइचा, इम्तियाज साइचा, महबूब साइचा, गुलाम साइचा, रजाक सोपारी, रजाक साइचा, सिकंदर साइचा, इमरान साइचा और बसीर साइचा सहित 11 सदस्यों पर गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया गया।
बुधवार देर रात सिटी बी डिवीजन पुलिस की ओर से चलाए गए ऑपरेशन में गुलाम साइचा, रजाक सोपारी, महबूब साइचा, हनीफ साइचा, इम्तियाज साइचा, असगर साइचा सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शेष की तलाश जारी है। यह गिरोह जमीन माफिया के तौर पर हत्या, लूट, दुष्कर्म, सरकारी जमीन पर कब्ज़ा और जमीन हड़पने जैसे गंभीर अपराधों में क्राइम में शामिल है।
अब तक 4 गिरोह पर कार्रवाई
जामनगर में अब तक 4 गिरोह के खिलाफ गुजसीटोक के तहत मामले दर्ज किए गए। 2018 में जयेश पटेल और उसके गिरोह के 14 साथियों के खिलाफ पहला गुजसीटोक केस मामला दर्ज किया गया था। वे वरिष्ठ वकील किरीट जोशी की हत्या समेत 40 से ज़्यादा अपराधों में शामिल थे। इस साल 5 अप्रेल को जामनगर मनपा के चुनाव के समय, विपक्षी के पूर्व नेता असलम खिलजी गिरोह के 18 सदस्यों और अल्ताफ खफी गिरोह के 11 सदस्यों के खिलाफ दो अलग-अलग गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया गया। अब बेडी के साइचा गिरोह के 11 साथियों के खिलाफ गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस तरह, जामनगर में 4 गैंग के खिलाफ गुजसीटोक के मामले दर्ज किए गए हैं।
जामनगर डेंटल कॉलेज में 1.36 करोड़ के घोटाले का आरोपी 3 दिन रिमांड पर, पुलिस ने 2 बैंक अकाउंट फ़्रीज़ किए, दस्तावेज जब्त
जामनगर. जामनगर सरकारी डेंटल कॉलेज और हॉस्पिटल में 1.36 करोड़ रुपए से ज़्यादा के चेक घोटाले के मामले में आरोपी शोभित गर्ग को गिरफ़्तार कर जामनगर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी का तीन दिन का रिमांड मंजूर किया। पुलिस ने 2 बैंक अकाउंट फ़्रीज़ कर उससे कड़ी पूछताछ आरंभ की।
जानकारी के मुताबिक, नेशनल हेल्थ मिशन के तहत आउटसोर्सिंग कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले शोभित गर्ग ने रोगी कल्याण समिति के अकाउंट से अलग-अलग समय पर चेक के ज़रिए करीब पंद्रह ट्रांज़ैक्शन किए थे। इस तरह उसने 1 करोड़ 36 लाख रुपए से ज़्यादा की रकम अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफ़र कर ली थी। आरोपी ने पिछले सात महीनों में एक महिला डॉक्टर का भरोसा जीता था।
पता चला है कि फिर उसने एक खाली चेक पर साइन करके उसका गलत इस्तेमाल करके पैसे अपने बैंक अकाउंट में जमा कर लिए। यह पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर की। इस दौरान चेक ट्रांजैक्शन, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और वित्तीय दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पता लगाने के लिए पूरी जांच चल रही है कि आरोपी ने ट्रांसफर की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया, क्या इस स्कैम में कोई और व्यक्ति शामिल है, और क्या कोई और लिंक हैं। पुलिस ने फिलहाल आरोपी के दो बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं। इसके अलावा, चेक बुक समेत कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी के घर, बैंक लॉकर और उसके सरकारी कार्यालय में भी सर्च ऑपरेशन चलाए गए हैं। इस पूरे मामले की जांच महिला पीएसआइ एम.एम. मेहता कर रही हैं।