
अहमदाबाद. महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा, महिला सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर गुजरात प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को गांधीनगर स्थित सत्याग्रह छावनी में जन आक्रोश धरना के तहत विरोध जताया। पार्टी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विभिन्न जनसमस्याओं को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दशक से अधिक समय से भाजपा शासन में गुजरात की जनता महंगाई, बेरोजगारी और कथित अव्यवस्था से परेशान है। 2027 में जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
चावड़ा ने कहा कि बारिश की कमी से राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात हैं। किसान महंगे खाद-बीज और खेती की बढ़ती लागत से परेशान है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराकर सूखा घोषित किया जाए तथा किसानों का चालू वर्ष का फसल ऋण और बिजली बिल माफ किया जाए। साथ ही किसानों, खेत मजदूरों और छोटे रोजगार करने वालों के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की। उन्होंने महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रसोई का बजट बिगड़ गया है और शिक्षा व स्वास्थ्य का खर्च भी बढ़ रहा है। युवाओं के मुद्दे पर उन्होंने सरकारी भर्तियों में देरी और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का आरोप लगाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने शराब और ड्रग्स के अवैध कारोबार पर भी सरकार को घेरा। पशुपालकों के लिए पर्याप्त चारा-पानी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सात किलोमीटर की त्रिज्या में चारा वितरण केंद्र खोलने की मांग की।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और विधानसभा का केवल तीन दिन का सत्र बुलाना लोकतंत्र का मजाक है। उन्होंने युवाओं, शिक्षा, महंगाई, महिला सुरक्षा, किसानों तथा एससी-एसटी समाज से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा की मांग की। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया