-वाहन जांच के नाम पर परेशान करने, धमकाने का आरोप, सोशल मीडिया पर साझा की घटना, शहर पुलिस आयुक्त ने साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच
Ahmedabad. मध्यप्रदेश के इंदौर शहर निवासी करियर कोच पंकज सिंह परिहार को अहमदाबाद शहर पुलिस का कड़वा अनुभव हुआ है। वाहन जांच के नाम पर उन्हें परेशान करने, धमकाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने अपने अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा किया है।
परिहार के साथ हुई घटना को उनके एक मित्र संदीप मनुधने ने भी ट्विटर (एक्स) पर पोस्ट किया, जिस पर संज्ञान लेते हुए अहमदाबाद शहर पुलिस ने इस मामले की शुक्रवार को जांच शुरू की है।
अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के डीसीपी को सौंपी है। इस मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने परिहार का संपर्क भी किया है। जिसकी जानकारी भी परिहार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी है।
परिहार ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके साथ उनके ही देश में एक अपराधी जैसा व्यवहार किया जाएगा, जबकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने लिखा कि वे अहमदाबाद ऑफिस से लौट रहे थे, उस समय एनई-1 एक्सप्रेस पुलिस चेकपोस्ट पर उन्हें रोका गया। अधिकारियों ने कार तलाशी ली उसके बाद उनके पास से उनका मोबाइल फोन ले लिया और फिर चैट्स, मैसेज, गैलरी के फोटो, वीडियो देखने लगे, यहां तक कि ऑडियो मैसेज तक खंगाले। यह प्रक्रिया लगभग 50 से 60 मिनट तक चली। इस दौरान अधिकारी, कर्मचारी कार के अंदर बैठे रहे और वे बाहर सड़क पर खड़े होकर असहाय महसूस करते रहे।
परिहार ने जब पुलिस कर्मियों को बताया कि वे स्टडी अब्रॉड कंसल्टिंग का काम करते हैं, तो पुलिस ने उनके सहयोगी की ऑफिस डायरी उठा ली, जिसमें खर्चों, स्टूडेंट लोन और फॉरेक्स लेन-देन के नोट्स थे। पुलिस अधिकारियों ने हर प्रविष्टि पर सवाल किए और इसे 'कबूतरबाज़ी' कहा। उन्होंने कहा कि उसके बाद उन लोगों ने दबाव बनाने के लिए साइबर सेल ले जाने की धमकी दी। उन्होंने साइबर क्राइम सेल जाने की तैयारी दर्शाई तो दो लोग कार में बैठे और कुछ दूरी तक कार चलाई। बार-बार एक ही बात कहते रहे कि यदि कुछ है तो हमें बता दो हम मामला यहीं सुलझा देंगे। परिहार के साइबर सेल चलने के लिए कहा और तलाशी में कुछ नहीं मिला तो उन लोगों ने छोड़ दिया। हालांकि फिर भी वे जाते-जाते 'चाय-पानी' की मांग करना नहीं भूले। पुलिसकर्मियों के चाय-पानी की बात कही तो परिहार ने उन्हें अपने थेपले सौंपे और फिर आगे बढ़ गए।
परिहार की पोस्ट पर उनके मित्र संदीप की ओर से की गई पोस्ट को अहमदाबाद शहर पुलिस ने गंभीरता से लिया। इस मामले में परिहार और संदीप ने पोस्ट करके जानकारी दी कि घटना को अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त ने गंभीरता से लिया है। इस मामले की जांच साइबर क्राइम ब्रांच के डीसीपी को सौंपी है। स्वयं पुलिस आयुक्त भी जांच पर नजर रख रहे हैं। इस मामले में परिहार से भी पुलिस ने संपर्क किया है।वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब अहमदाबाद शहर पुलिस के ऐसे कड़वे अनुभव से अन्य प्रदेश के लोग रूबरू हुए हों। इससे पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैँ। राजस्थान मूल के मुंबई निवासी व्यापारी से भी डरा धमकाकर रुपए वसूले गए थे। इस मामले में भी बात ऊपरी अधिकारियों तक पहुंचने पर कार्रवाई की गई।