राजकोट में एशिया के सबसे बड़े इंडियन कैटल शो का किया शुभारंभ राजकोट. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजकोट के रेसकोर्स ग्राउंड पर एशिया के सबसे बड़े इंडियन कैटल शो का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देशी गाय का गौमूत्र, गोबर, दूध, घी तथा पंचगव्य अमृत के समान है। भारत की देशी गायें केवल […]
राजकोट. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजकोट के रेसकोर्स ग्राउंड पर एशिया के सबसे बड़े इंडियन कैटल शो का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देशी गाय का गौमूत्र, गोबर, दूध, घी तथा पंचगव्य अमृत के समान है। भारत की देशी गायें केवल पशु नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था, भूमि और पर्यावरण की रक्षा करने वाला एक आधार हैं।
देश-विदेश में हुए अध्ययनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय देशी गाय का ए-2 दूध स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है। भारत की देशी गायें देश के लिए भगवान के आशीर्वाद के समान हैं। उन्होंने कहा कि वेदों में उल्लेख है कि गाय विश्व की माता है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में पशु संवर्धन के क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक तकनीक का सभी पशुपालकों को उपयोग करना चाहिए। उन्होंने पशुपालकों से गायों की वृद्धि के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन तथा एम्ब्रियो तकनीक अपनाने की अपील की।
उन्होंने लक्ष्मीनारायण यज्ञ में आहुति अर्पित की और गिर गाय का पूजन किया। कैटल शो का शुभारंभ करने के बाद राज्यपाल ने द इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिजिनस ज़ेबू कैटल ऑफ इंडिया (आइएफआइजेडसीआइ) की ओर से आयोजित प्रदर्शनी एवं पशु प्रदर्शन का अवलोकन भी किया।
फेडरेशन के अध्यक्ष मदन मोहन ने राजकोट में आगामी दो वर्षों के भीतर पशुओं की डीएनए अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा की। इस अवसर पर महापौर नयना पेढडिया, मनपा आयुक्त तुषार सुमेरा, कलक्टर डॉ. ओमप्रकाश, आयोजक किशोर ओडेदरा, आयोजक समिति के सदस्य भयलु बापु सहित संत, पशुपालक एवं किसान उपस्थित रहे।