अजमेर

RBSE 10th Board Exam : अगले साल से 2 बार होगी बोर्ड परीक्षा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा ऐलान, जानें लाखों बच्चों को कैसे मिलेगा ‘सेकंड चांस’?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने दशकों पुराने परीक्षा पैटर्न को बदलते हुए अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्वयं इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की।

2 min read
Mar 24, 2026

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने नई शिक्षा नीति-2020 (NEP) के तहत प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को 5वीं, 8वीं और 10वीं बोर्ड के परिणाम जारी करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए बताया कि सत्र 2026-27 से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी। इस निर्णय से प्रदेश के करीब 20 लाख विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी और उनका 'एक कीमती साल' बर्बाद होने से बच सकेगा।

2027 से लागू होगा नया पैटर्न

शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए नए ब्लूप्रिंट के अनुसार, बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा:

  • प्रथम चरण (फरवरी-मार्च): मुख्य परीक्षाओं का पहला दौर फरवरी और मार्च के महीने में होगा। सभी विद्यार्थियों के लिए इस परीक्षा में बैठना अनिवार्य होगा।
  • द्वितीय चरण (मई-जून): प्रथम चरण के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद मई-जून में दूसरी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें वे छात्र बैठ सकेंगे जो पहले अवसर में अनुत्तीर्ण रहे, अनुपस्थित रहे या जिनके नंबर कम आए हैं और वे सुधार करना चाहते हैं।

'एक साल की बर्बादी' का डर खत्म, छात्रों को बड़ी राहत

वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में पिछड़ जाता है, तो उसे सप्लीमेंट्री परीक्षा या फिर पूरे एक साल का इंतजार करना पड़ता था।

  • द्वितीय अवसर: अब छात्रों के पास परिणाम के तुरंत बाद दूसरा मौका होगा।
  • पूरा पाठ्यक्रम: शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही परीक्षाएं पूर्ण पाठ्यक्रम (Full Syllabus) पर आधारित होंगी। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को अपनी योग्यता साबित करने का अतिरिक्त मंच प्रदान करेगी।

CBSE की तर्ज पर राजस्थान बोर्ड का बड़ा कदम

राजस्थान बोर्ड का यह फैसला सीबीएसई (CBSE) के नक्शेकदम पर है। गौरतलब है कि सीबीएसई भी सत्र 2026 से 10वीं की परीक्षाएं दो बार आयोजित करने जा रहा है। राजस्थान देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है जो नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का विजन: "तनावमुक्त शिक्षा"

परिणाम जारी करने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा, "हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों पर से परीक्षा का बोझ कम करना है। अक्सर देखा जाता है कि एक दिन की खराब तबीयत या किसी दुर्घटना के कारण छात्र का पूरा साल खराब हो जाता है। अब 'सेकंड चांस' की व्यवस्था से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।"

20 लाख बच्चों पर सीधा असर

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के तहत हर साल करीब 10 लाख बच्चे 10वीं और करीब 9 से 10 लाख बच्चे 12वीं की परीक्षा देते हैं। इन 20 लाख परिवारों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है। बोर्ड अब इस नई व्यवस्था के लिए परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्रों के सेट और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जल्द ही जारी करेगा।

Published on:
24 Mar 2026 02:44 pm
Also Read
View All

अगली खबर