अजमेर

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा JLN अस्पताल से डिस्चार्ज : जेल पहुंचते ही जिद पर अड़ा, फिर शुरू किया भूख हड़ताल

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन उर्फ संदीप को JLN अस्पताल से डिस्चार्ज कर अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया। अस्पताल में खाना खाने की सहमति देने के बावजूद जेल पहुंचते ही उसने भोजन करने से इनकार कर दिया।
2 min read
• •
Updated: 22 Oct 2026, 10:48 PM IST
Lawrence Bishnoi Nephew
Ajmer: अस्पताल में इलाज के दौरान की तस्वीर (फाइल-पत्रिका)

अजमेर। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन उर्फ संदीप को गुरुवार दोपहर जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वापस अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचा दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों के सामने जेल में खाना खाने की सहमति देने वाला सचिन जेल पहुंचते ही अपनी पुरानी मांग पर अड़ गया। देर शाम जेल प्रशासन ने उसे भोजन दिया, लेकिन उसने खाने से इनकार कर दिया। वह लॉरेंस गैंग से जुड़े अपने साथियों के साथ एक ही बैरक में रखने की मांग कर रहा है। जेल प्रशासन ने उसकी मांग मानने से इनकार कर दिया है और पूरे मामले से जेल मुख्यालय को अवगत कराया है।

हाई सिक्योरिटी जेल में बंद सचिन उर्फ संदीप को तबीयत की जांच के लिए JLN अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। गुरुवार दोपहर चिकित्सक डॉ. मनीराम कुम्हार ने उसकी जांच की। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया गया। डिस्चार्ज प्रक्रिया के दौरान सचिन से जेल में भोजन करने के संबंध में लिखित सहमति भी ली गई।

कमांडो की टीम हाई सिक्योरिटी जेल लेकर पहुंची

इसके बाद वृत्ताधिकारी उत्तर शिवम जोशी के नेतृत्व में कोतवाली, सिविल लाइंस और पुलिस लाइन के कमांडो की टीम उसे कड़ी सुरक्षा के बीच वापस हाई सिक्योरिटी जेल लेकर पहुंची। जेल पहुंचने पर प्रशासन ने उसे भोजन देने की कोशिश की, लेकिन उसने खाने से इनकार कर दिया। सचिन का कहना है कि जब तक उसे जेल में अपने साथियों के साथ एक ही बैरक में नहीं रखा जाएगा, वह खाना नहीं खाएगा।

5 अक्टूबर से नहीं ले रहा है खाना

जेल प्रशासन के अनुसार, पंजाब के फाजिल्का जिले के बहाववाला क्षेत्र के दुतारावाली निवासी सचिन कथित तौर पर 5 अक्टूबर से भोजन नहीं ले रहा है। उसने भूख हड़ताल के संबंध में न तो कोई लिखित प्रार्थना पत्र दिया और न ही औपचारिक मांगपत्र सौंपा। अब अस्पताल से लौटने के बाद उसने फिर अपने साथियों के साथ रहने की मांग दोहराई है।

बैरक में कैमरे तोड़ने के बाद अलग किए गए थे बंदी

सचिन को मई 2024 में जोधपुर सेंट्रल जेल से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था। जेल में उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बंदियों के साथ रखा गया था। बाद में बैरक में सीसीटीवी कैमरे तोड़ने की घटना के बाद सचिन और उसके साथियों को अलग-अलग वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद से ही उन्हें एक साथ रखने की मांग को लेकर विवाद बना हुआ है।

जेल प्रशासन ने मांग ठुकराई

हाई सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि चिकित्सकों ने सचिन को स्वस्थ बताकर वापस जेल भेजा है। जेल पहुंचने पर उसे भोजन देने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने साथियों के साथ रखने की शर्त रख दी। प्रशासन ने उसकी मांग खारिज करते हुए जेल मुख्यालय को पूरे मामले की जानकारी भेज दी है। फिलहाल सचिन के भोजन से इनकार करने के बाद जेल प्रशासन की निगरानी जारी है।

यह वीडियो भी देखें :

Updated on:
22 Oct 2026, 10:48 PM IST
Published on: