
अजमेर। घूघरा स्थित उच्च सुरक्षा कारागृह में निरुद्ध विचाराधीन बंदी सचिन थापन उर्फ संदीप ने शुक्रवार को अपनी भूख हड़ताल बिना किसी शर्त के समाप्त कर दी। उसने 5 अक्टूबर से भोजन ग्रहण करना बंद कर दिया था। जेल प्रशासन और चिकित्सकीय समझाइश के बाद 19वें दिन बंदी ने स्वेच्छा से भोजन ग्रहण कर भूख हड़ताल समाप्त की।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि पंजाब के फाजिल्का जिले का निवासी विचाराधीन बंदी सचिन थापन उर्फ संदीप 5 मई 2024 से उच्च सुरक्षा कारागृह, अजमेर में निरुद्ध है। उसने बीते 5 अक्टूबर से भोजन लेने से इनकार कर दिया।
सचिन ने भूख हड़ताल के संबंध में कोई लिखित मांग पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया। प्रशासन ने बंदी के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी एवं चिकित्सकीय परीक्षण सुनिश्चित किया। उसे व्यक्तिगत रूप से भोजन नहीं लेने पर शरीर पर दुष्प्रभाव और जीवन के लिए खतरा उत्पन्न होने की समझाइश की गई।
शुक्रवार को जेल अधीक्षक एवं चिकित्साधिकारी ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे बंदी सचिन से बातचीत कर उसे जीवन की महत्ता और स्वास्थ्य संबंधी संभावित खतरों से अवगत कराया। इसके चलते बंदी ने बिना किसी मांग अथवा शर्त के स्वेच्छा से भोजन ग्रहण कर भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
सचिन उर्फ संदीप को तबीयत की जांच के लिए JLN अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। 22 अक्टूबर को चिकित्सक मनीराम कुम्हार ने उसकी जांच की। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद जेल में उसे भोजन देने की कोशिश की, लेकिन उसने खाने से इनकार कर दिया । सचिन का कहना था कि जब तक उसे जेल में अपने साथियों के साथ एक ही बैरक में नहीं रखा जाएगा, वह खाना नहीं खाएगा।