अलवर

सरकार खनिज की तलाश करना क्यूं भूल गई

विधानसभा चुनाव की भूल भुलैया में राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार अलवर जिले के रैणी क्षेत्र के बीलेटा गांव में खनिज भंडार की मौजूदगी के मिले संकेतों को ही भुला बैठी। रैणी क्षेत्र के बीलेटा की पहाड़ी में करीब छह महीने पता चला था खनिज भंडार का। यहां लेड, जिंक, चांदी समेत कई अन्य खनिज के बड़े भंडार की संभावना जताई गई थी।

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Jan 03, 2024
सरकार खनिज की तलाश करना क्यूं भूल गई

एक प्रोफेसर खुद के प्रयास से अलवर जिले के बीलेटा की पहाड़ी में लेड, जिंक व सिल्वर डिपाजिट का पता लगाया, लेकिन सरकार अब तक यह नहीं पता लगा सकी कि वहां कौन- कौन से खनिज के भंडार है और कितनी मात्रा में। इसका बड़ा कारण विधानसभा चुनाव भी रहा। पूर्ववर्ती राज्य सरकार चुनाव की भूल भुलैया में उलझ यहां खनिज का पता लगाने के लिए डि्रल करने के टेंडर ही नहीं करा पाई। यदि नई सरकार बीलेटा के पहाड़ में डि्रल करा खनिज भंडार का पता लगाए तो न केवल बड़ी संख्या में रोजगार सृजित कर सकेेगी, बल्कि सरकारी खजाना भी आसान हो जाएगा। बीलेटा में खनिज के डिपाजिट होने के बाद खनन विभाग की ओर से इस क्षेत्र में ड्रिल शुरू कराया गया, लेकिन टेंडर की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में जाने से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। नतीजा यह रहा कि करीब छह महीने बीतने के बाद भी यह पता नहीं चल सका कि यहां कौनसे खनिज डिपाजिट हैं और कितनी मात्रा में। जबकि खनन विभाग की ओर से जमीन में डि्रल कराने पर काली चट्टान के अवशेष निकले थे, जिससे यहां लेड, जिंक, सिल्वर आदि खनिज भंडार होने के संकेत मिले थे।

टेंडर की देरी से अटकी डि्रल की प्रक्रिया

बीलेटा में खनिज भंडार का पता लगाने के लिए कई जगह डि्रल कराने की जरूरत है। पूर्ववर्ती सरकार ने समय रहते यहां डि्रल कराने के लिए टेंडर नहीं कराए, बाद में आचार संहिता और विधानसभा चुनाव में सरकार बदलने से यहां अब तक टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई है। इससे खनन विभाग यहां डि्रल प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। इससे बड़ी संख्या में मिलने वाला रोजगार अटक गया है, वहीं सरकार को बड़ा राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है।

प्रो. यादव ने किया था खुलासा


शहर के राजर्षि कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ रामानंद यादव ने बिलेटा गांव की पहाड़ी इलाके में पत्थरों में लेड, सिल्वर जैसा चमकीला पत्थर निकलने का खुलासा किया था। पत्थर के सेंपल की जांच में यह सामान्य पत्थर से 7 गुना वजनी और चमकीला पाया गया।

विभाग भी बहुमूल्य खनिज के जता चुका संकेत

माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के तत्कालीन निदेशक ने बीलेटा के पत्थर के सेंपल देखने के बाद कहा कि नॉर्थ दिल्ली बेल्ट में लेड, सिल्वर के डिपॉजिट मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं. अलवर जिले के रैणी क्षेत्र के बिलेटा के पास लगभग 20 वर्ग किलोमीटर में डिपॉजिट मिलने की संभावना है, इसमें लेड, जिंक, सिल्वर सल्फाइड, मिनरल्स कॉपर, पाइराइट मिनरल्स के डिपॉजिट की संभावना है।

Published on:
03 Jan 2024 11:26 pm
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