अलवर

यूरिया खाद से बन रहा था डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड, कृषि विभाग का छापा

भरतपुर रोड पर बख्तल की चौकी के समीप एक फर्म पर सोमवार को कृषि विभाग ने छापा मारा। यहां यूरिया खाद से यह डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड बनाया जाता है। टीम को यहां यूरिया से भरे 66 और 8 खाली बैग मिले। विभाग ने इन्हें जप्त कर कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराई है।
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Updated: 24 Jun 2025, 11:07 AM IST
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भरतपुर रोड पर बख्तल की चौकी के समीप एक फर्म पर सोमवार को कृषि विभाग ने छापा मारा। यहां यूरिया खाद से यह डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड बनाया जाता है। टीम को यहां यूरिया से भरे 66 और 8 खाली बैग मिले। विभाग ने इन्हें जप्त कर कंपनी पर एफआईआर दर्ज कराई है। यूरिया बैग के नमूने लेकर ग्राम सेवा सहकारी समिति केमला को सुपर्द कर दिया गया है। विभाग आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है। निर्माता फर्म एचयूआरएल पर यह कार्रवाई की गई है। दीपक मित्तल और अनिल मित्तल की ओर से यहां खाद से यह फ्लूइड बनाया जा रहा था। कृषि विभाग के सयुंक्त निदेशक कृषि पीसी मीणा के निर्देशन में कृषि अधिकारी (मिशन) जितेंद्र सिंह फौजदार, उप परियोजना निदेशक आत्मा संदीप शर्मा ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

यह है डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड

डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) डीजल इंजनों से निकलने वाले हानिकारक नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के के काम आता है। नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह धुंध और अम्लीय वर्षा जैसी पर्यावरणीय समस्याओं का कारण भी बन सकता है।

बख्तल की चौकी के पास सोमवार को एक कंपनी में कृषि यूरिया का अवैध रूप से उपयोग लिया जा रहा था। उसके खिलाफ कार्रवाई की है। कृषि अदान विक्रेताओं से अपील की है कि खाद केवल किसानों को ही दिया जाए।

-पीसी मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग, अलवर।

Updated on:
24 Jun 2025, 11:07 AM IST
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