अलवर

‘बच्चों को कैसे बताऊंगा कि उनकी मम्मी अब नहीं रही’, सड़क पर पत्नी का शव देख बिलखता रहा पति

Alwar Road Accident: मृतका का पति आकाश सोनी बदहवास होकर कभी पत्नी के शव को देखता, तो कभी अपने दो मासूम बेटों को याद कर बिलखने लगता। उसकी जुबां पर बार-बार एक ही सवाल था-बच्चों को कैसे बताऊंगा कि उनकी मम्मी की मौत हो गई।
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Oct 22, 2026
Alwar Road Accident
मृतका अंबाला सोनी व विलाप करता उसका पति। फोटो: पत्रिका

अलवर। जयपुर रोड पर भाखेड़ा के समीप बुधवार को रोडवेज बस की टक्कर से एक शिक्षिका की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर करीब ढाई घंटे तक जाम लगा दिया। मृतका का पति आकाश सोनी बदहवास होकर कभी पत्नी के शव को देखता, तो कभी अपने दो मासूम बेटों को याद कर बिलखने लगता। उसकी जुबां पर बार-बार एक ही सवाल था-बच्चों को कैसे बताऊंगा कि उनकी मम्मी की मौत हो गई।

वह रोते हुए कहता रहा कि मेरी पत्नी अंबाला को फोटो खिंचवाने का शौक था। वह अक्सर कहती थी कि आप अच्छी फोटो नहीं खींचते। अब मैं बच्चों की मां कैसे बन पाऊंगा। मैं मर जाता तो कम से कम पत्नी बच्चों के माता-पिता दोनों की भूमिका अच्छी तरह निभा लेती। पति की ये बातें सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गई।

आठ साल से बच्चों को पढ़ा रहीं थी, पति आयशर कंपनी में मैनेजर

साथी शिक्षिका शालू चौहान के अनुसार, अंबाला सोनी शहर के मुंशी बाजार की रहने वाली थीं और पिछले आठ साल से भाखेड़ा स्कूल में पढ़ा रही थीं। उनके पति आकाश सोनी आयशर कंपनी में मैनेजर है। दंपती के दो बेटे हैं। छोटा बेटा एलकेजी और बड़ा तीसरी कक्षा में पढ़ता है।

स्कूल से महज 100 मीटर दूर काल बनकर आई बस, 20 मीटर तक घसीटते हुए ले गई

मृतका अंबाला सोनी भाखेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका थी। हादसा बुधवार दोपहर 12 बजे बाद हुआ। अंबिका स्कूल से अपने घर स्कूटी से लौट रही थीं। स्कूल से करीब 100 मीटर दूर जयपुर की ओर से आ रही रोडवेज बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस स्कूटी समेत शिक्षिका को करीब 20 मीटर दूर तक घसीटते हुए ले गई। अंबाला का सिर बस के टायर के नीचे आने से बुरी तरह कुचल गया और हेलमेट भी टूट कर बिखर गया। हादसे में अंबाला की मौके पर ही मौत हो गई।

'आज टीचर की जान गई, कल किसी बच्चे की बारी न आ जाए'

स्थानीय निवासियों ने बताया कि हादसा उनकी गली के बाहर हुआ। शिक्षिका स्कूटी पर धीरे-धीरे जा रही थी, तभी जयपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आई बस ने टक्कर मार दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रोडवेज बसों की रफ्तार अक्सर तेज रहती है। पंचायत में दो शिफ्ट में स्कूल चलते है। सुबह भाखेड़ा और शाम को धोलाकुआं स्कूल संचालित होता है। बच्चे भी पैदल आते-जाते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए, तो किसी बच्चे के साथ भी ऐसा हादसा हो सकता है।

ढाई घंटे जाम, ब्रेकर लगाने का मिला आश्वासन

हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस को आगे नहीं जान दिया आर शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे जयपुर रोड पर करीब ढाई घंटे जाम लगा रहा। सूचना पर सीओ सिटी राजेश कसाना और एडीएम सिटी अंबालाल मीणा मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और शव को अस्पताल भिजवाया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि हादसे वाली जगह पर उसी दिन से ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने का काम शुरू कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। इस दौरान अरावली विहार, अखैपुरा थाना सहित कई थानाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

Updated on:
22 Oct 2026 08:25 am
Published on:
22 Oct 2026 08:25 am