गोविंदगढ़ क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने पर शनिवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। पंचायत मुख्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्र हुई महिलाओं ने बर्तन बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया और कहा कि पहले पानी, फिर वोट।
गोविंदगढ़ क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने पर शनिवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। पंचायत मुख्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्र हुई महिलाओं ने बर्तन बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया और कहा कि पहले पानी, फिर वोट।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 4200 से ज्यादा वोट होने के बावजूद पेयजल व्यवस्था बदहाल है। दिनभर नलों में पानी नहीं आता और रात 11–12 बजे बिजली मिलने पर ही महिलाएं जागकर पानी भरने को मजबूर हैं। इस दौरान मनचलों की अभद्रता से महिलाएं परेशान रहती हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई जगह बोरवेल मालिक गेट बंद कर देते हैं और पानी भरने आए लोगों के बर्तन तक फेंक देते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत करवाया जा रहा कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। महिलाओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अब वे किसी आश्वासन के भरोसे नहीं बैठेंगी- उन्हें राजनीति नहीं, सिर्फ पानी चाहिए। प्रशासन ने समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है।