धर्म/ज्योतिष

Anant Kalsarp Dosh: ये है अनंत काल सर्प दोष के लक्षण, छुटकारे के लिए करें यह उपाय, जिंदगी हर परेशानी हो जाएगी दूर

Anant Kalsarp Dosh: अनंत काल सर्प दोष से व्यक्ति को लाइफ में मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। करियर और कारोबार भी मुश्किल में रहता है। अनंत कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति में अक्सर कम समय में रईस बनने का लालच होता है। साथ ही धन चोरी होने का खतरा रहता है। इसके अलावा भी कई लक्षण हैं जो बताते हैं कि आपकी कुंडली में अनंत कालसर्प दोष है, आइये जानते हैं इससे छुटकारा पाने के उपाय (anant kaalsarp dosh upay) ...
2 min read
Jul 04, 2024
Anant Kalsarp Dosh Lakshan
Anant Kalsarp Dosh: ये है अनंत कालसर्प दोष के लक्षण, छुटकारे के लिए करें यह उपाय, जिंदगी हर परेशानी हो जाएगी दूर

क्‍या है अनंत कालसर्प दोष

ज्‍योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी व्‍यक्‍ति की कुंडली में सातों ग्रहों के राहु और केतु से घिरे होने से अनंत काल सर्प दोष बनता है। दूसरे अर्थों में जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु सातवें भाव में होते हैं और बाकी सभी ग्रहों को राहु केतु घेरे रहते हैं। इस दौष के कारण जातक को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे स्वास्थ्य और संपत्ति संबंधित परेशानी भी आती है। व्‍यक्‍ति को कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं और इस दोष के दुष्‍प्रभाव से व्‍यक्‍ति को बहुत पीड़ा होती है, उसे मृत्‍यु तुल्य एहसास होता है, करियर और बिजनेस में नुकसान होता है।

अनंत कालसर्प दोष के कुछ अन्य दुष्प्रभाव

ज्योतिषियों के अनुसार अगर किसी व्‍यक्‍ति की कुंडली में अनंत कालसर्प दोष बन रहा हो तो उस व्‍यक्‍ति को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। उसे अपनी मेहनत का फल नहीं मिलता, पैसों की तंगी बनी रहती है। काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं और अक्सर सेहत खराब रहती है। इससे बचने के लिए 43 दिनों तक रांगा नाम की धातु के एक टुकड़े को जल में प्रवाहित करना चाहिए। इससे अनंत काल सर्प दोष पीड़ित व्यक्ति को राहत मिलती है।

अनंत कालसर्प दोष से छुटकारा पाने का उपाय

अनंत कालसर्प दोष का निवारण नासिक के त्र्यंबकेश्वर और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में कराया जाता है। इसके अलावा अनंत कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने के लिए रोजाना शिव जी की पूजा और नाग देवता की पूजा करना चाहिए। इसके लिए इन उपायों को करना चाहिए

  1. ऊं नमः शिवाय पंचाक्षरीय मंत्र का जाप करें।
  2. आप महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
  3. पीपल के पेड़ की पूजा करें।
  4. ईश्‍वर को नारियल अर्पित करें और गायत्री मंत्र का जाप करें।
Updated on:
04 Jul 2024 12:28 pm
Published on:
04 Jul 2024 12:27 pm