balaghat techadi model village: हाईटेक ग्राम पंचायत टेकाड़ी, जहां शहरी सुविधाओं की बहार। जंगल, झरने और एडवेंचर के साथ हाईटेक गांव का भी लीजिए अनुभव, सीसीटीवी, जिम, होमस्टे से टेकाड़ी को मिल रही पहचान...।
मंतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट
balaghat techadi model village:बालाघाट जिले की टेकाड़ी ग्राम पंचायत अब किसी शहर से कम नहीं रही। यहां की विकास की रफ्तार और नवाचारों ने इसे 'हाईटेक पंचायत' की पहचान दिला दी है। ग्राम पंचायत में वह सब कुछ है, जो आमतौर पर नगरीय निकायों में देखने को मिलता है। सीसीटीवी से निगरानी, अत्याधुनिक जिम, कंप्यूटर युक्त लाइब्रेरी, साप्ताहिक बाजार, कचरा प्रबंधन और अब ईको टूरिज्म को नई उड़ान देने की तैयारी है।
गांव के प्रवेश द्वार पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे आने-जाने वाले हर व्यक्ति की निगरानी हो रही है। सुरक्षा की इस पहल ने ग्रामीणों को विश्वास और सुरक्षा का नया एहसास दिया है। वहीं स्वास्थ्य को लेकर भी पंचायत गंभीर है। गांव में आधुनिक इंस्ट्रूमेंट से युक्त जिम बनाया गया है, जहां प्रशिक्षित युवाओं की टीम लोगों को फिटनेस के लिए मार्गदर्शन दे रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी टेकाड़ी एक कदम आगे है। पांचवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के उद्देश्य से इंटरनेट सुविधा से युक्त लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें दो कंप्यूटर लगाए जाएंगे और साथ ही पुस्तकें व मैगजीन उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि ग्रामीण बच्चे डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिला सकें।
साफ-सफाई के मामले में भी टेकाड़ी अन्य पंचायतों के लिए उदाहरण बन रही है। गांव में कचरा पेटियां लगाई गई हैं। खुले कुओं पर जाली लगाकर उन्हें सुरक्षित किया गया है। नलकूपों के आसपास सीमेंटेड प्लेटफार्म तैयार कर स्वच्छता सुनिश्चित की गई है। रात को रोशनी के लिए चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गई हैं, जिससे गांव की गलियां भी जगमग रहती हैं। प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगाया गया है, जिसमें ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों की जानकारी दी गई है। यह साइनबोर्ड बाहरी आगंतुकों और पर्यटकों के लिए मददगार साबित हो रहा है। गांव में हर हफ्ते लगने वाला साप्ताहिक बाजार ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय का स्रोत प्रदान कर रहा है।
टेकाड़ी ग्राम पंचायत (techadi hightech village eco tourism) की सबसे बड़ी उपलब्धि यहां ईको टूरिज्म की दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। गांगुलपारा और सातनारी जलप्रपात को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। वर्तमान में छह होम स्टे का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि 14 होम स्टे तैयार किए जा रहे हैं, जो मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से संचालित होंगे। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां जिप लाइन, फास्ट लाइन, एटीवी बाइक राइड, पेंट बॉल, रॉकेट इजेक्टर, स्काई साइकलिंग, गो-कार्टिंग जैसे रोमांचक एडवेंचर स्पोट्र्स शुरू किए जाएंगे। गांगुलपारा से सातनारी जलप्रपात तक ट्रैकिंग ट्रेल और वॉच टावर बनाए जाएंगे। वहीं गांगुलपारा जलाशय में बोटिंग और वॉटर स्पोट्र्स की सुविधा शुरू करने की योजना बनाई गई है।
प्रदेश के अन्य गांवों के लिए टेकाड़ी पंचायत (balaghat techadi model village) एक आदर्श मॉडल बन सकती है। सीमित संसाधनों में भी नवाचार और योजनाबद्ध विकास कैसे किया जा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण टेकाड़ी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन यदि इस 'टेकाड़ी मॉडल' को अन्य पंचायतों में दोहराने का प्रयास करें, तो ग्रामीण विकास की तस्वीर ही बदल सकती है। विशेषकर ईको टूरिज्म, डिजिटल शिक्षा और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में टेकाड़ी की योजनाएं अनुकरणीय हैं।
प्रश्न: टेकाड़ी को विकसित करने का विचार कैसे आया?
उत्तर: हमने देखा कि गांवों में सुविधाओं की कमी के कारण युवा पलायन कर रहे हैं। हमने तय किया कि टेकाड़ी को ऐसा बनाएंगे कि लोग यहां आने को तरसें। नगर जैसी सुविधा, साफ-सफाई और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता बनी।
प्रश्न: ईको टूरिज्म पर इतना फोकस क्यों?
उत्तर: हमारे पास घने जंगल, गांगुलपारा जलप्रपात, सातनारी जलप्रपात, गांगुलपारा जलाशय जैसे प्राकृतिक धरोहरें हैं। हमने सोचा कि इनका सही उपयोग किया जाए। इससे रोजगार भी मिलेगा और क्षेत्र की पहचान भी बढ़ेगी।
प्रश्न: भविष्य में और क्या योजनाएं हैं?
उत्तर: हम गांव में डिजिटल शिक्षा को और मजबूत करना चाहते हैं। हर बच्चे तक कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही महिला समूहों को भी उद्यम से जोडऩे की योजना है। बुजुर्गों के लिए बगीचा और खेल मैदान बनाने की योजना है।