लोकसभा निर्वाचन-2024 में सराहनीय भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और नोडल अधिकारियों का सम्मान किया गया। बालाघाट. कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने बुधवार को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान लोकसभा निर्वाचन-2024 में सराहनीय भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और नोडल अधिकारियों का […]
लोकसभा निर्वाचन-2024 में सराहनीय भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और नोडल अधिकारियों का सम्मान किया गया।
बालाघाट. कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने बुधवार को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान लोकसभा निर्वाचन-2024 में सराहनीय भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और नोडल अधिकारियों का सम्मान किया गया। ज्ञात हो कि फरवरी माह में आयोग के निर्देशानुसार हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में महत्ती भूमिका निभाने वाले बीएलओ का सम्मान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने किया। ऐसे बीएलओ के लिए भोपाल से प्रमाण पत्र प्राप्त हुए थे, जो जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनके प्रतिनिधि के तौर उन्हें प्रदान किया। हर विधानसभा के 3-3 बीएलओ को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं निर्वाचन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 13 नोडल अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कलेक्टर ने उन्हें सम्मानित किया। बैठक में अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे, एसडीएम गोपाल सोनी सहित अधिकारी मौजूद थे।
लोकसभा निर्वाचन के दौरान करीब 20 नोडल अधिकारी विभिन्न कार्यों के लिए नियुक्त किए गए थे। इन नोडल अधिकारियों में 13 को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। इनमें ईवीएम नोडल अधिकारी मनोज धुर्वे, परिवहन व्यवस्थाओं के लिए जिला परिवहन अधिकारी अनिमेष गढ़पाल, परिवहन संचालन में भूमिका निभाने वाली एसएलआर स्मिता देशमुख को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा करीब 19 हजार मतदाताओं के लिए मतदान की व्यवस्था में सहभागी रहने वाले नोडल अधिकारी राजेश कुमार खोबरागड़े, सहायक नोडल अधिकारी गजेंद्र कठाने, प्रशिक्षण नोडल अधिकारी एके उपाध्याय, सामग्री प्रबंधन लारिया, आइटी टीम के एसके ठाकरे, अनिल लिल्हारे और विवेक मेश्राम सहित अन्य के कार्यों की भी सराहना की गई।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने टीएल बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य जो निर्वाचन के कारण रुके हुए है, उन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए है। खासतौर पर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल की समस्या का निराकरण करने के लिए पीएचई के कार्यपालन यंत्री बीएल उइके को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि पानी उपलब्ध करना, उनका बंदोबस्त करना आचार संहिता में किया जा सकता है।