बलरामपुर

सीएम बोले-सुविधाएं न मिलने से नेपाल के थारू माओवादी बन गए

बोले- आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा।  
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cm yogi
सीएम बोले-सुविधाएं न मिलने से नेपाल के थारू माओवादी बन गए

बलरामपुर. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बलरामपुर स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पिछड़ा है। पिछले डेढ़ सालों में इसमें सुधार के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं। जिसका परिणाम यह है कि मातृ- शिशु मृत्यु दर में पिछले डेढ़ सालों में काफी कमी आई है। प्रधानमंत्री मोदी भी क्षेत्र के स्वास्थ्य व शिक्षा सहित अन्य विकास कार्यों के लिए स्वयं रुचि ले रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश में करीब 1 करोड़ 18 लाख परिवार इससे लाभान्वित होंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को भी बलरामपुर में थे। सीएम योगी ने यहां कहा कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में बड़ी संख्या में थारू जनजाति के लोग निवास करते हैं। भारतीय क्षेत्र के थारुओं को शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। गोरक्षपीठ की ओर से इनके उत्थान के लिए कई कार्य किए गए हैं। यही कारण है कि भारत में रहने वाले थारू समाज के लोग राष्ट्र भक्त हैं जबकि वहीं नेपाल में रहने वाले थारू समाज के लोगों का तिरस्कार होने के कारण वह माओवादी बन गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुलसीपुर के मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में आयोजित गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा अनावरण समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। कहा कि गोरक्षपीठ क्षेत्रीय विकास के कार्य में वर्षों से लगी है। बलरामपुर सीमावर्ती जनपद है। इस बात को ध्यान में रखकर गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत अवेधनाथ ने देवीपाटन के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए काफी काम किए। उनका मानना था कि सीमा पर बसे भारतीयों के साथ-साथ मित्र राष्ट्र नेपाल के नागरिकों को भी इन सुविधा का लाभ मिले। उन्होंने क्षेत्र के आध्यात्मिक व भौतिक विकास के लिए कई कार्य किए। 1994 में थारू जनजाति के बच्चों के लिए छात्रावास बनवाया। यहां रहकर थारू समाज के बच्चों ने हाईस्कूल, इंटरमीडियट और अन्य कक्षाओं में पढ़ाई कर परीक्षा पास की। उत्तराखण्ड राज्य सृजन के साथ जनजाति वर्ग के लोगों को नौकरियों में दो प्रतिशत अधिक आरक्षण सरकारी नौकरियों में मिला। जिसका भरपूर लाभ छात्रावास में रहकर डिग्री हासिल करने वाले थारू समाज के बच्चों को मिला।

बड़ी संख्या में थारू युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिसका परिणाम यह रहा कि जनजाति परिवारों के जीवन में काफी सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नेपाल में रहने वाले जनजाति वर्ग के लोगों के लिए नहीं चले, जिसके कारण वह माओवादी बन गए जबकि भारत का थारू राष्ट्रवादी बना। देवीपाटन मंदिर परिसर में चिकित्सा एवं शिक्षा की व्यवस्था की गई है।

Published on:
08 Oct 2018 09:13 pm