बैंगलोर

सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाने की वकालत

इसका उद्देश्य बच्चों के बीच समानता लाने का लक्ष्य है चाहे वे अंग्रेजी या कन्नड़ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे हों।

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सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाने की वकालत

बेंगलूरु. एचडी कुमारस्वामी ने एक बार फिर से राज्य में अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देने की जरुरत पर बल दिया है जबकि कन्नड़ राज्योत्सव को कर्नाटक एकीकरण और कन्नड़ भाषा के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के तौर पर देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की समृद्धि के लिए स्कूलों में प्राथमिक स्तर से एक भाषा के रूप में अंग्रेजी पढ़ाने की आवश्यकता है और राज्य के सभी कन्नड़ माध्यम स्कूलों में पहली कक्षा से इसे लागू किया जाएगा।

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उन्होंने कहा, अंग्रेजी सीखने का मतलब कन्नड़ पर श्रेष्ठता का दावा करना नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों के बीच समानता लाने का लक्ष्य है चाहे वे अंग्रेजी या कन्नड़ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे हों।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के बीच असमानता को दूर करने की आवश्यकता है और इसके लिए अंग्रेजी को एक शिक्षण भाषा के तौर पर प्राथमिक कक्षााओं से स्वीकारा जाना चाहिए।

कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए 1200 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया गया है। साथ ही राज्य में तीन कौशल विकास विश्वविद्यालयों को खोलने के लिए कदम उठाए गए हैं।

कन्नडिग़ाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि कुछ कन्नड़ विरोधी लोगों ने महाराष्ट्र सरकार को महदायी जल समाधान के विषय पर कर्नाटक से चर्चा नहीं करने या बैठक का बहिष्कार करने का सुझव दिया है।

विरोधी लोगों को मालूम होना चाहिए कि हर राज्य को किसी ना किसी चीज की जरूरत पड़ती है। पिछले कई सालों से हर विषय में कर्नाटक के साथ अन्याय हो रहा है। पडोसी राज्यों से सीमा, जल, भाषा औरअन्य विषय को लेकर तकरार होता रहा है।

यहां के नागरिकों ने अभी तक सब कुछ खामोशी से बर्दाश्त किया है, इसका अर्थ यह नहीं कि यहां के नागरिक दुर्बल है। अगर प्रदेश के हित से जुड़े किसी भी विषय पर आंच आई तो राज्य के लोग अपने प्राण भी देने के लिए तैयार है।

साथ ही पड़ोसी राज्यों में रहने वाले कन्नडिग़ा लोगों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गोवा और महाराष्ट्र में कन्नड़भाषियों पर हमले की वारदातें होती रहती हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


झांकियों में दिखा सांस्कृतिक गौरव
इससे पहले कुमारस्वामी ने एक मंदिर में पूजा की और देवी भुवनेश्वरी देवी की प्रतिमा वाले जुलूस को झण्डी दिखाई। जुलूस में राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाले विभिन्न कलाकारों ने भाग लिया और कई प्रकार की आकर्षक झांकियां सजाई गई।

राज्य के विभिन्न जिलों में भी भव्यतापूर्वक राज्योत्सव का आयोजन हुआ जिसमें कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति और राज्य की प्रगति को झांकियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा दर्शाया गया।


विद्यार्थियों का सांस्कृतिक कार्यक्रम
कन्नड़ संस्कृति विभाग तथा बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में कंटीरवा स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीबीएमपी के 500 स्कूलों के 6000 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक रोशन बेग ने की। विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति बसवराज होरट्टी, महापौर गंगाम्बिका मल्लिकार्जुन, विधान परिषद सदस्य टीए सरवण, प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव शालिनी रजनीश, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश गोयल आदि सहित कई अधिकारी, बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

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Published on:
03 Nov 2018 04:33 pm
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