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एलपीजी संकट के बीच ऑटो चालकों को पेट्रोल अपनाने की सलाह : प्रह्लाद जोशी

कर्नाटक में कुल 372 ऑटो एलपीजी वितरण केंद्र हैं, जिनमें से केवल 72 सरकारी हैं और बाकी 300 निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। निजी केंद्रों ने वैश्विक कीमतों में वृद्धि के चलते दाम बढ़ाकर लगभग 110 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिए हैं, जबकि सरकारी केंद्रों पर यह करीब 89 रुपए प्रति किलोग्राम है।

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एलपीजी के लिए कतार में ऑटो।

देश में चल रहे ऑटो एलपीजी LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) संकट के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ऑटो Auto चालकों को अस्थाई तौर पर पेट्रोल पर शिफ्ट होने की सलाह दी है। उनका कहना है कि पेट्रोल देश में लगातार उपलब्ध रहेगा, जबकि ऑटो एलपीजी की उपलब्धता सीमित है।

सोमवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ऑटो एलपीजी दुनिया के कुछ ही देशों में उपलब्ध है। कर्नाटक में कुल 372 ऑटो एलपीजी वितरण केंद्र हैं, जिनमें से केवल 72 सरकारी हैं और बाकी 300 निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। निजी केंद्रों ने वैश्विक कीमतों में वृद्धि के चलते दाम बढ़ाकर लगभग 110 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिए हैं, जबकि सरकारी केंद्रों पर यह करीब 89 रुपए प्रति किलोग्राम है।उन्होंने बताया कि देश में लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी का उत्पादन होता है, जबकि 40 प्रतिशत आयात किया जाता है। वैश्विक स्तर पर संसाधन सीमित होने के कारण सरकारी केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

70 दिनों का कच्चे तेल का भंडार

जोशी ने कहा कि वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति अब 70 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास लगभग 70 दिनों का कच्चे तेल का भंडार है और निरंतर आपूर्ति जारी है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली के समय की नीतियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे स्थिति और खराब हुई थी।

समाधान बैठक 10 को

ऑटो एलपीजी की कमी से जूझ रहे चालकों को राहत दिलाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री के एच. मुनियप्पा ने 10 अप्रेल को अहम बैठक बुलाने की घोषणा की है।

मंत्री ने सोमवार को ऑटो चालकों के संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि सरकार को चालकों की परेशानी का पूरा अहसास है और इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। मुनियप्पा के अनुसार, केंद्र सरकार प्रतिदिन लगभग 3,000 ऑटो एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही है, जबकि निजी कंपनियां भी लगभग इतनी ही आपूर्ति कर रही हैं। हालांकि, निजी कंपनियों द्वारा कीमत बढ़ाए जाने से समस्या और बढ़ गई है।

लोग सरकारी पंपों की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं

सूत्रों के मुताबिक, बेेंगलूरु में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के आउटलेट्स पर ऑटो एलपीजी लगभग 89.52 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि निजी कंपनियां इसे 99 से 105 रुपए प्रति लीटर तक बेच रही हैं। इसी वजह से लोग सरकारी पंपों की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं, जिससे वहां भीड़ और इंतजार बढ़ गया है।मंत्री ने कहा कि बैठक में निजी कंपनियों, केंद्र सरकार के अधिकारियों, ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों, पुलिस और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया जाएगा, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।