जहां तक संभव हो विद्यालय शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) अधिनियम का पालन कर रहे हैं
बेंगलूरु. एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ प्राइवेट स्कूल्स इन कर्नाटक के महासचिव डी. शशिकुमार ने कर्नाटक प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग (केएससीपीसीआर) पर अभिभावकों की शिकायतों को लेकर एकपक्षीय निर्णय लेने और गैर अनुदानित निजी स्कूलों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने गुरुवार को कहा कि जहां तक संभव हो विद्यालय शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) अधिनियम का पालन कर रहे हैं। इसके बावजूद आरटीइ को लागू करने में कई स्तरों पर परेशानी हो रही है।
गैर आरटीइ विद्यार्थियों के समय से शुल्क भुगतान नहीं करने या फिर बिल्कुल ही नहीं करने से स्कूल का संचालन प्रभावित होता है।
स्कूल प्रबंधन जब अभिभावकों पर शुल्क के भुगतान का दबाव बनाता है तो अभिभावक केएससीपीसीआर के पास चले जाते हैं। लेकिन केएससीपीसीआर दोनों पक्ष को सुने बिना ही स्कूल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर देता है।
आरटीइ के अंतर्गत फीस की राशि की प्रतिपूर्ति समय से नहीं होने से भी प्रदेश के 12 हजार गैर अनुदानित निजी स्कूल परेशान हैं। शशिकुमार ने कहा कि इस संबंध में पहले भी वे प्राथमिक शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव व लोक शिक्षण विभाग से शिकायत कर चुके हैं पर सुनवाई नहीं हुई।