बैंगलोर

रामनगर और मंड्या में गठबंधन की भारी जीत पर कांग्रेस सतर्क

कुमारस्वामी रामनगर और चन्नपटट्ण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे और बाद में रामनगर से इस्तीफा दे दिया था।

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रामनगर और मंड्या में गठबंधन की भारी जीत पर कांग्रेस सतर्क

बेंगलूरु. रामनगर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी की भारी जीत कांग्रेस के लिए चिंता पैदा करने वाला है।

हालांकि, चुनाव से पहले ही जद-एस उम्मीदवार अनिता कुमारस्वामी की जीत तय थी लेकिन जिस पैमाने पर उन्हें यह जीत मिली है उससे कांग्रेस कार्यकर्ता परेशान होंगे।

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दरअसल, यह सीट मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफे से खाली हुई थी। कुमारस्वामी रामनगर और चन्नपटट्ण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे और बाद में रामनगर से इस्तीफा दे दिया था।

तब कुमारस्वामी ने कुल 92 हजार 626 मत हासिल किए थे और 22 हजार 636 मतों से जीत दर्ज की थी। उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी इकबाल हुसैन से था जिन्हें 69 हजार 990 मत मिले थे।

भाजपा को केवल 4871 मत प्राप्त हुए। इस बार अनिता कुमारस्वामी ने 1 लाख 9 हजार 137 मतों से जीत दर्ज की है। उन्हें 1 लाख 25 हजार 43 वोट मिले हैं।

वहीं भाजपा प्रत्याशी एल.चंद्रशेखर जो चुनाव से दो दिन पहले ही अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और कांग्रेस में शामिल हो गए 15 हजार 906 मत हासिल करने में सफल रहे।

दरअसल, चंद्रशेखर अक्टूबर महीने में ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वे जद-एस और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन के कारण खफा थे और रामनगर में कांग्रेस द्वारा जद-एस के लिए सीट छोडऩे के विरोध में भाजपा में शामिल हो गए।

लेकिन, चुनावों से ठीक पहले उन्होंने पाला बदल लिया। इस भारी जीत में भी कांग्रेस को अपनी कहीं न कहीं पराजय नजर आ रही है।

कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के यहां पीछे हटने का लाभ भाजपा और जद-एस को मिला है। कांग्रेस के वोट इन दोनों पार्टियों को गए जो पार्टी के लिए अच्छा नहीं है।

वहीं मंड्या में भी जद-एस की जीत और भाजपा का 2 लाख से अधिक मत पाना कांग्रेस के माथे पर चिंता की लकीर खींच गया है।

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Published on:
08 Nov 2018 08:15 pm
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