विधानसभा तथा विधान परिषद सचिवालय के कर्मचारियों को इसकी विस्तृत जानकारी देने के लिए बैठक आयोजित की गई।
बेंगलूरु. डिजिटल इंडिया योजना के तहत विधानमंडल सचिवालय को कागज रहित बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। ई-विधान कार्यक्रम के जरिये इसे साकार किया जाएगा।
विधानसभा सभागार में शुक्रवार को विधानसभा तथा विधान परिषद सचिवालय के कर्मचारियों को इसकी विस्तृत जानकारी देने के लिए बैठक आयोजित की गई।
विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति बसवराज होरट्टी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से सूचनाओं का तेज गति से आदान-प्रदान संभव है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 'कागज रहित प्रशासनÓ को सफलता पूर्वक लागू किया गया है।
कर्नाटक में विधानसभा तथा विधान परिषद में ई-विधान कार्यक्रम लागू होने से यह योजना देश के लिए मिसाल बन सकती है।
इसके माध्यम से सदस्यों को विधान मंडल के दोनों सदनों की दैनंदिन कार्यसूची, सदस्यों के प्रश्नों का जवाब, विधेयकों का प्रारूप, सदन समितियों की रिपोर्टस की जानकारी उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी देने के लिए विधानमंडल के दोनों सचिवालय के कर्मचारियों के लिए नियमित अंतराल पर प्रशिक्षण शिविर तथा विचार संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य सचिव टी.एम. विजय भास्कर ने कहा कि दोनों सदन में कई बार 200-300 पन्नों की रिपोर्ट रखी जाती है। ऐसी विस्तृत रिपोट्र्स रखने के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।
बैठक में राष्ट्रीय सूचना विभाग के राज्य अधिकारी विनायक ने ई-विधान योजना मोबाइल ऐप तथा योजना की तकनीक को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
अगली बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को इस योजना को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। विधानसभा के उपाध्यक्ष कृष्णा रेड्डी उपस्थित थे।