मां की भी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह घर पर ही है और अभी छुट्टियां होने के कारण वह फूलों की मालाएं बनाकर बेच रही है
बेंगलूरु. कृष्णराज सागर बांध से मंड्या जाते समय सड़क पर फूल बेच रही एक बालिका से मुखातिब हुए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी का मन उस वक्त द्रवित हो गया जब उन्होंने उसके परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने बालिका के परिवार का दुख बांटने और उसकी शिक्षा में सहायता देने की पहल की।
राजमार्ग पर बेलगोला के निकट जब बालिका को देखा तो कुमारस्वामी ने कार रुकवाई और छठी कक्षा में पढऩे वाली इस बालिका के साथ बातचीत की। उन्होंने उससे पूछा कि स्कूल जाने के बजाय तुम यहां फूल क्यों बेच रही हो? इस पर उस मासूम बालिका ने कहा कि मेरे पिताजी चालक हैं, जो इन दिनों बीमार हैं। मां की भी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह घर पर ही है और अभी छुट्टियां होने के कारण वह फूलों की मालाएं बनाकर बेच रही है। मुख्यमंत्री ने जब उसे पैसे देने की पहल की तो उसने पैसे लेने से मना कर दिया।
इस संबंध में एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी में जी रहे इस परिवार की सहायता करने के कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के इस बच्ची के पिता से मिलवाने के लिए कहा गया है।
---
जनहितों को भूली सरकार, विकास कार्य ठप: भाजपा
बेंगलूरु. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा ने बुधवार को कहा कि लोग यह पूछ रहे हैं क्या राज्य में कोई सरकार अस्तित्व में है भी या नहीं। जनता दल-एस कांग्रेस गठबंधन की सरकार के राज्य में सत्ता में आने के बाद सभी विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। एक सवाल पर येड्डियूरप्पा ने कहा कि भाजपा इस सरकार को गिराने का कोई प्रयास नहीं करेगी, लेकिन यह सरकार यदि अंदरूनी झगड़ों के कारण गिर जाती है तो इसके लिए वे जिम्मेदार नहीं होंगे। कांग्रेस व जद-एस के नेताओं के बीच मतभेदों के बारे में हर रोज खबरें आ रही हैं और सिद्धरामय्या व कुमारस्वामी के बीच अच्छे संबंध नहीं हैं।उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार ने सत्ता में 100 दिन पूरे कर लिए हैं, लेकिन यह सरकार जनहितों को पूरी तरह से भूल गई है। विकास में किसी की रुचि नहीं है और सरकार के मंत्री जन समस्याओं को हल करने की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैैं।