कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन में मतभेद पुरानी बात
पूर्व प्रधानमंत्री और जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्रकारों से बातचीत
बेंगलूरु. उपचुनावों में गठबंधन की सफलता से प्रसन्न पूर्व प्रधानमंत्री और जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच डी देवेगौड़ा ने मंगलवार को कहा कि अगला आम चुनाव उनके जीवन की आखिरी लड़ाई होगी और भाजपा को हराने के लिए वे लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमीन स्तर पर मतभेदों को दूर करने की पहल करेंंगे।
देवेगौड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों दलों ने आम चुनाव साथ मिलकर लडऩे का फैसला किया है लिहाजा वे सुनिश्चित करेंगे कि दोनों दलों के कार्यकर्ता निचले स्तर पर एकजुटता से काम करें।
कांग्रेस और जद-एस के बीच राजनीतिक रिश्ते बनते-बिगड़ते रहे हैं लेकिन मण्ड्या और रामनगर जैसे क्षेत्रों में दोनों दलों की प्रतिद्वंदिता काफी पुरानी रही है। उपचुनावों मेें भी दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर विवाद हुआ था। दोनों ही क्षेत्रों में कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता जद-एस के लिए सीट छोड़े जाने के खिलाफ थे। हालांकि, दोनों ही सीटों पर गठबंधन की जीत हुई लेकिन कार्यकर्ताओं के मिजाज और सियासी अंडर करेंट दोनों दलों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मण्ड्या में कांग्रे नेताओं ने जद-एस उम्मीदवार एल आर शिवराम गौड़ा के लिए प्रचार करने से मना कर दिया था और मामले को सुलझाने के लिए दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं को दखल देना पड़ा था।
दोनों दलों के नेताओं के साथ उपचुनाव परिणामों पर चर्चा के बाद देवेगौड़ा ने कहा कि दोनों दलों के बीच जो भी मतभेद थे अब वे पुरानी बातें हो चुकी हैं। हमने पुरानी बातों को भूलकर आगे बढऩे का निर्णय लिया है। यह मेरे जीवन की आखिरी लड़ाई है। देवेगौड़ा ने कहा कि चिरप्रतीक्षित मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार और निगम-मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति भी जल्द होगी। अब इसमें और देरी नहीं होगी। कांग्रेस नेता के सी वेणुुगोपाल बेंगलूरु में हैं और वे मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श कर जल्द ही इस बारे में निर्णय लेंगे।