हमले की शाम को, एक सीनियर ने ध्रुव को फोन करके चर्च के पास मिलने के लिए कहा। परेशानी की आशंका से ध्रुव अपने रूममेट्स के साथ गया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उससे मौके पर ही दाढ़ी बनाने को कहा। जब उसने मना किया, तो उन्होंने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद, ध्रुव को उसके दोस्तों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और शनिवार को उसके फ्रैक्चर की सर्जरी की गई। जब उसका इलाज चल रहा था, तो तीनों ने कथित तौर पर अस्पताल में जाकर उसे धमकाया।
बेंगलूरु: बेंगलूरु के चिक्क बेलंदूर में कृपानिधि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बीबीए एविएशन के 21 वर्षीय छात्र पर उसके सीनियर्स ने दाढ़ी और मूंछें काटने से मना करने पर हमला किया। मूल रूप से केरल के रहने वाले पीड़ित छात्र ध्रुव (बदला हुआ नाम)की हमले में हाथ की हड्डी टूट गई और माथे पर चोट आई।
ध्रुव के पिता द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 30 अगस्त को रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच हादो सिद्धपुरा में सेंट स्टीफन मार्थोमा चर्च के पास हुई। जेवियर, विष्णु और सरथ नाम के तीन सीनियर्स ने 7-8 अन्य छात्रों के साथ मिलकर ध्रुव पर हमला किया, क्योंकि उसने दाढ़ी बनाने की उनकी बार-बार की मांग को पूरा करने से मना कर दिया था।
ध्रुव ने बताया कि उत्पीड़न अप्रैल में शुरू हुआ, जब तीन सीनियर्स ने उसके चेहरे के बालों पर आपत्ति जताई और उस पर दाढ़ी बनाने का दबाव डाला। परिसर में कई बार रैगिंग किए जाने और यहां तक कि उसके किराए के घर पर भी उसकी तलाश किए जाने के बावजूद ध्रुव ने उसकी बात नहीं मानी। हमले की शाम को, एक सीनियर ने ध्रुव को फोन करके चर्च के पास मिलने के लिए कहा।
परेशानी की आशंका से ध्रुव अपने रूममेट्स के साथ गया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उससे मौके पर ही दाढ़ी बनाने को कहा। जब उसने मना किया, तो उन्होंने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हमले के बाद, ध्रुव को उसके दोस्तों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और शनिवार को उसके फ्रैक्चर की सर्जरी की गई। जब उसका इलाज चल रहा था, तो तीनों ने कथित तौर पर अस्पताल में जाकर उसे धमकाया।
बेलंदूर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें धारा 118 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), धारा 126 (गलत तरीके से रोकना), धारा 189 (अवैध रूप से एकत्र होना), धारा 190 (अवैध रूप से एकत्र होने से होने वाले अपराध के लिए जवाबदेही), धारा 191 (दंगा करना) और धारा 351 (आपराधिक धमकी) शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी छात्रों को आगे की कार्रवाई के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस दिया गया है।