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श्रीराम ने मानवता को सत्य के मार्ग पर चलना सिखाया

मैसूरु. रामदेवरू सेवा समिति, बन्नूर के तत्वावधान में भगवान श्रीराम की रथयात्रा रामदेवरू मंदिर के संत कृष्ण स्वामी के सान्निध्य में निकाली गई। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रीराम की प्रतिमा रथ पर विराजित की गई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक रथ खींचा। सियावर रामचंद्र के जयकारों के साथ निकली रथयात्रा बस स्टैंड, तेरु बिद्दी, ब्राह्मण बिद्दी […]

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मैसूरु.

रामदेवरू सेवा समिति, बन्नूर के तत्वावधान में भगवान श्रीराम की रथयात्रा रामदेवरू मंदिर के संत कृष्ण स्वामी के सान्निध्य में निकाली गई। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रीराम की प्रतिमा रथ पर विराजित की गई। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक रथ खींचा। सियावर रामचंद्र के जयकारों के साथ निकली रथयात्रा बस स्टैंड, तेरु बिद्दी, ब्राह्मण बिद्दी आदि कस्बा के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः रामदेवरु मंदिर परिसर पहुंची।

रथयात्रा का भक्तों ने जगह-जगह स्वागत कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। कृष्ण स्वामी ने श्रीराम के संदर्भ में कई प्रसंग सुनाते हुए भक्तों से अनुसरण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति में मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जो धर्म, आदर्श, त्याग और कर्तव्य का प्रतीक हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने एक आदर्श राजा, पुत्र, पति और भाई के रूप में मानवता को सत्य के मार्ग पर चलना सिखाया।

मुख्य अतिथि समाजसेवी महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि श्रीराम का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी संयम और प्रेम की शिक्षा देता है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पार्थ सारथी, राधाकृष्ण, नारायण गौड़ा, विजेंद्र प्रभु, राजेश सिंह, सोहनलाल सीरवी आदि उपस्थित रहे।