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गर्मी में ठाकुरजी को ठंडक, अलवर के मंदिरों में एसी, कूलर और फूल बंगल

अलवर। बाहर सूरज आग उगल रहा है, लेकिन शहर के मंदिरों में ठाकुरजी के दरबार शीतलता और सुगंध से महक उठे हैं। कहीं भगवान को एसी और कूलर की ठंडी हवा दी जा रही है, तो कहीं गुलाबजल और इत्र की फुहारों से गर्मी को मात दी जा रही है। अधिक मास और बढ़ती तपिश के बीच अलवर के मंदिरों में भक्ति का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है।
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अलवर

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Jyoti Sharma

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Updated: 19 May 2026, 6:51 PM IST

alwar news

गुलाबजल की फुहार से मिल रही ठंडक: मंदिरों में दिखी भक्ति और शीतलता की अनोखी तस्वीर

अलवर। बाहर सूरज आग उगल रहा है, लेकिन शहर के मंदिरों में ठाकुरजी के दरबार शीतलता और सुगंध से महक उठे हैं। कहीं भगवान को एसी और कूलर की ठंडी हवा दी जा रही है, तो कहीं गुलाबजल और इत्र की फुहारों से गर्मी को मात दी जा रही है। अधिक मास और बढ़ती तपिश के बीच अलवर के मंदिरों में भक्ति का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है।

फूलों से सजेगा बालाजी का दरबार

काला कुआं स्थित वेंकटेश बालाजी धाम में 30 मई को फूल बंगला की विशेष झांकी सजाई जाएगी। पूरा मंदिर रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा और ठाकुरजी को इत्र व गुलाबजल की ठंडी फुहारों के बीच विराजमान किया जाएगा।

स्वामी सुदर्शनाचार्य ने बताया कि इन दिनों भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए एसी और कूलर लगाए गए हैं। भोग में खीरा, ककड़ी और ठंडाई अर्पित की जा रही है ताकि ठाकुरजी को शीतलता मिल सके।

भक्तों के लिए भी खास इंतजाम

त्रिपोलिया महादेव मंदिर में केवल भगवान ही नहीं, बल्कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर परिसर में बड़े कूलर और पंखे लगाए गए हैं, वहीं शाम को ठंडे पानी का छिड़काव किया जाता है।

भगवान महादेव को सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और रोजाना मोगरा, केवड़ा और खस की खुशबू से मंदिर परिसर महक रहा है। शाम की आरती के समय ठंडाई का भोग श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

रामलला के लिए खास गर्मी स्पेशल मेन्यू

अपना घर शालीमार स्थित श्रीराम मंदिर में भगवान राम के लिए गर्मी के अनुसार विशेष “मेन्यू” तैयार किया गया है। सुबह मीठा शरबत, सत्तू और आमरस, दोपहर में मक्खन-रोटी और हरी सब्जी, जबकि रात में दूध और फल का भोग लगाया जा रहा है।

भगवान को सूती धोती-अचला की आकर्षक पोशाक पहनाई गई है और पूरा दरबार ताजे फूलों से सजाया जा रहा है। मंदिर में एसी की ठंडी हवा के बीच आरती और भजन का माहौल भक्तों को आध्यात्मिक सुकून दे रहा है।

अधिक मास में बढ़ी श्रद्धा

अधिक मास को धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है। इसी कारण मंदिरों में विशेष झांकियों और सेवा के लिए भक्त पहले से बुकिंग करा रहे हैं। जून अंत तक कई मंदिरों में फूल बंगला और विशेष श्रृंगार के लिए एडवांस बुकिंग हो चुकी है।

भीषण गर्मी के बीच अलवर के मंदिरों में यह नजारा बता रहा है कि श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि भगवान की सेवा और आराम का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।