बरेली और दिल्ली के बीच प्रतिदिन चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन जल्द ही नए और आधुनिक एलएचबी कोच से लैस होगी। रेलवे पुराने आईसीएफ कोच हटाकर अधिक सुरक्षित, हल्के और तेज गति से चलने वाले एलएचबी कोच लगाने की तैयारी कर रहा है।
बरेली। बरेली और दिल्ली के बीच प्रतिदिन चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन जल्द ही नए और आधुनिक एलएचबी कोच से लैस होगी। रेलवे पुराने आईसीएफ कोच हटाकर अधिक सुरक्षित, हल्के और तेज गति से चलने वाले एलएचबी कोच लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलते ही इंटरसिटी ट्रेन को प्राथमिकता के आधार पर इन कोचों से जोड़ा जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच लगने से इंटरसिटी ट्रेन का संचालन अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। उत्तर रेलवे की ओर से लगातार ट्रेनों में कोच अपग्रेड किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बरेली–दिल्ली इंटरसिटी को भी आधुनिक कोच देने की योजना बनाई गई है।
जनवरी माह से बरेली–वाराणसी एक्सप्रेस (14235/14236) और योगनगरी ऋषिकेश–प्रयागराज एक्सप्रेस (14229/14230) में एलएचबी कोच लगाए जा चुके हैं। वहीं फरवरी में बरेली–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और बरेली–इंदौर एक्सप्रेस को भी एलएचबी कोच से लैस किए जाने की तैयारी है।
बरेली–दिल्ली इंटरसिटी ट्रेन रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। यह ट्रेन सुबह 4:55 बजे बरेली से रवाना होती है, जबकि नई दिल्ली से इसकी वापसी शाम 4:35 बजे होती है। स्लीपर और एसी कोच न होने के कारण इसमें बड़ी संख्या में सामान्य श्रेणी के यात्री सफर करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील से निर्मित होते हैं, जो हल्के और मजबूत होते हैं। ये कोच 160 से 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने में सक्षम हैं। इनमें आधुनिक डिस्क ब्रेक, बेहतर सस्पेंशन, कम शोर और अधिक आरामदायक सीटों की सुविधा होती है।
एलएचबी कोच एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक पर आधारित होते हैं, जिससे दुर्घटना के समय डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते और जान-माल के नुकसान की आशंका कम हो जाती है। बेहतर सस्पेंशन के कारण यात्रा के दौरान झटके भी कम महसूस होते हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मुरादाबाद आदित्य गुप्ता ने बताया कि इंटरसिटी ट्रेन को एलएचबी कोच से लैस करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। नए कोच उपलब्ध होते ही इस महत्वपूर्ण ट्रेन को प्राथमिकता के साथ एलएचबी कोच दिए जाएंगे।