
बालोतरा/बाड़मेर। गुरुवार की सुबह जब सूरज की किरणें थार के धोरों पर उतर रही थीं, तब जांदूओं की ढाणी (खींमसर, गिड़ा क्षेत्र) में रोजी-रोटी और ममता का एक मार्मिक दृश्य कुछ ही मिनटों में श्मशान में तब्दील हो गया। खेत के ऊपर से गुजर रही थ्री-फेज विद्युत लाइन का टूटा तार पूरे परिवार के लिए काल बन गया। करंट की चपेट में आकर तड़प रहे अपने बेजुबान मवेशियों को बचाने बाड़े में दौड़े किसान और फिर पति को तड़पता देख बचाने भागी पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह हादसे ने न केवल एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया, बल्कि बाड़े में बंधी 13 से 14 भेड़-बकरियों को भी एक साथ लील लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे खेत की तारबंदी (लोहे की जाली) पर थ्री-फेज लाइन का चालू तार टूटकर गिरा हुआ था। जाली से सटा पशु बाड़ा करंट के हाई-वोल्टेज घेरे में तब्दील हो चुका था। बाड़े में बंधी भेड़-बकरियां जब करंट से झुलसकर तड़पने और चिल्लाने लगीं, तो उनकी चीखें सुनकर रावताराम कड़वासरा (पुत्र हिमथाराम) बदहवास होकर उन्हें बाहर निकालने बाड़े के अंदर तक दौड़ पड़े। अंदर घुसते ही वे खुद 11 हजार वोल्ट की मार से चिपक गए। पति को करंट में छटपटाते देख बाहर मौजूद पत्नी वीरो देवी सुध-बुध खोकर उन्हें खींचने के लिए भागी, लेकिन बाड़े के लोहे के गेट को छूते ही वे वहीं जमीन पर गिर पड़ीं और दोनों की मौके पर ही सांसें थम गईं।
हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। परिजनों और ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विद्युत लाइन का तार एक दिन पहले ही टूट गया था। इस गंभीर खतरे की सूचना ग्रामीणों ने फोन के जरिए विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को दी थी। आरोप है कि विभाग ने इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर लाइन दुरुस्त कर दी जाती, तो यह हृदय विदारक घटना नहीं होती। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और आक्रोशित ग्रामीण दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही नागाणा थाना पुलिस व बाटाडू चौकी प्रभारी जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सबसे पहले डिस्कॉम से लाइन कटवाई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर बाटाडू मोर्चरी पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। बाड़े में मृत पड़े मवेशियों के मुआयने व पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। इस हृदयविदारक हादसे में महज एक बकरी के जीवित बचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।