
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों के प्रथम चरण की वोटिंग की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ग्रामीण अंचलों में चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर बाड़मेर जिले के लंगेरा गांव का एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सभी को हैरान कर दिया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर निर्विरोध सरपंच चुनने के नाम पर ग्रामीणों की एक खुली सभा में करोड़ों रुपये की बोली लगाई जाती दिख रही है। वीडियो में दिख रहा नजारा हर किसी को चौंका रहा है क्योंकि इसमें सरपंच पद के लिए बोली की शुरुआत 5 करोड़ रुपये से होकर देखते ही देखते 11 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच जाती है।
इस वीडियो में एक ग्रामीण व्यक्ति पूरे आत्मविश्वास के साथ सभा में यह कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि वह घोषित की गई राशि को तीन दिन के भीतर जमा करवा देगा। इतना ही नहीं, वह व्यक्ति वहां मौजूद भीड़ के सामने यह चुनौती भी देता नजर आ रहा है कि 'अगर किसी को आगे आना है तो सामने आ जाओ'। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस विवादित वीडियो पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने और चारों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आने के बाद लंगेरा गांव के ग्रामीणों और प्रबुद्ध लोगों की ओर से सफाई सामने आई है। ग्रामीणों ने इस बात को पूरी तरह से नकारते हुए स्पष्ट किया है कि गांव में किसी भी प्रकार से पद की नीलामी नहीं की जा रही है और न ही किसी गैर-कानूनी तरीके से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चुनाव हमेशा की तरह राज्य निर्वाचन आयोग की तय संवैधानिक प्रक्रिया और नियमों के तहत ही संपन्न कराए जाएंगे। सोशल मीडिया पर चल रही बातें और वीडियो के कुछ अंशों को बिना पूरे संदर्भ के गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। गांव के लोगों के अनुसार, पंचायत में सामाजिक विकास कार्यों और आपसी चर्चा के दौरान की बातों को अलग रूप में देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गांव की एक चौपाल पर दर्जनों लोग एकत्र हैं और वहां चुनावी सरगर्मी के बीच चर्चा चल रही है। इसी दौरान एक व्यक्ति सरपंच पद की दावेदारी और निर्विरोध निर्वाचन के नाम पर 5 करोड़ रुपये से बात शुरू करता है, जो थोड़ी ही देर में बढ़कर 11 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे बाड़मेर जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश में यह चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ग्रामीण चुनावों में भी इस स्तर पर पैसों का प्रभाव देखने को मिल रहा है, वहीं कई लोग इसे चुनावी गहमागहमी का महज़ एक हिस्सा या पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं।
पंचायत चुनाव के पहले चरण की तैयारियों में जुटे पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक लिखित बयान या प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस खुफिया एजेंसियां इस वीडियो की सत्यता और इसके समय की जांच कर रही हैं।
निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह के प्रलोभन, बोली या गैर-कानूनी समझौते को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी भी स्तर पर चुनाव नियमों के उल्लंघन या आचार संहिता के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे इलाके में इस वीडियो को लेकर कौतूहल और चर्चा का माहौल बना हुआ है।