
Barmer Panchayat Elections : भीखी देवी लगातार 7वीं बार निर्विरोध सरपंच चुनी गईं। बाड़मेर के बायतु पंचायत समिति के वीरेंद्र नगर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने एकमत होकर यह बड़ा फैसला लिया है। भीखी देवी कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी की पत्नी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भीखी देवी गांव के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं, गांव में कई नवाचार के काम किए हैं। भीखी देवी के काम की वजह से ही ग्रामीणों का उन पर भरोसा है। बाड़मेर जिले में लगातार निर्विरोध निर्वाचन का रेकॉर्ड बना रही भीखीदेवी इस बार फिर नई ग्राम पंचायत वीरेन्द्र नगर की सरपंच चुनी गई हैं।
भीखीदेवी गुड़ामालानी के पूर्व विधायक हेमाराम चौधरी की पत्नी हैं। बायतु पंचायत समिति की बायतु भीमजी ग्राम पंचायत में भीखीदेवी लगातार 5 बार सरपंच रहीं। नई ग्राम पंचायत वीरेन्द्रनगर अलग हुई तो भीखीदेवी 2020 में भी निर्विरोध चुनी गईं। नई ग्राम पंचायत पूर्व विधायक हेमाराम चौधरी के दिवंगत पुत्र वीरेन्द्र के नाम बनी है, जिसकी भीखीदेवी (मां) फिर निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं।
भीखीदेवी के पति हेमाराम चौधरी हैं। वह गुड़ामालानी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते थे। कांग्रेस के सिम्बल पर हेमाराम 8 बार चुनाव लड़े, इसमें 6 बार उन्हें जीत मिली है। हेमाराम चौधरी हमेशा बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। अशोक गहलोत की सरकार में हेमाराम चौधरी कैबिनेट मिनिस्टर थे। इससे पहले राज्यमंत्री के रूप में भी काम कर चुके थे। बताया जाता है कि हेमाराम चौधरी को सचिन पायलट गुट का नेता माना जाता है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
बाड़मेर जिले में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में बायतु पंचायत समिति की वीरेंद्र नगर ग्राम पंचायत में भीखी देवी के सामने कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं था। वहीं, गडरारोड पंचायत समिति की मौसरी ग्राम पंचायत में भी सरपंच और 7 वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए शनिवार को मतदान होगा।
गडरारोड पंचायत समिति की मौसरी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए धनसिंह मौसरी ने नामांकन दाखिल किया था। उनके अलावा किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया। ऐसे में रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के 7 वार्ड पंच भी निर्विरोध चुने गए।