बाड़मेर

Guar Mandi Price in Rajasthan: 4 साल बाद ग्वार के भाव में उछाल, एक महीने में 1600 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की तेजी

Guar Gum Price Hike: ग्वार की खेती करने वाले राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी है। 4 साल बाद ग्वार के भाव में बड़ा उछाल आया है। एक महीने पहले 6000 रुपए प्रति क्विंटल बिकने वाला ग्वार 7600 रुपए तक पहुंच गया है।
2 min read
• •
Oct 13, 2026
guar gum seed price hike today
चार साल बाद ग्वार के भाव में बड़ा उछाल आने से किसान उत्साहित हैं. Photo- Patrika

Guar Mandi Bhav Rajasthan: लंबे समय से कम कीमतों के चलते ग्वार की खेती से दूरी बना रहे राजस्थान के किसानों के लिए इस बार बाजार से राहत की खबर आई है। करीब चार साल बाद ग्वार के भाव में बड़ा उछाल आने से किसान और स्टॉकिस्ट व्यापारी उत्साहित हैं। एक महीने पहले 6000 रुपए प्रति क्विंटल बिकने वाला ग्वार अब 7600 रुपए तक पहुंच गया है। प्रति क्विंटल 1600 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी ने कारोबार में नई हलचल पैदा कर दी है। कमजोर मानसून के कारण इस साल देश में ग्वार की पैदावार कम रहने और मांग अधिक होने से आने वाले दिनों में भाव 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

Guar cultivation in Rajasthan: कमजोर मानसून से उत्पादन में गिरावट

जानकारी के अनुसार राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और गुजरात में ग्वार की खेती होती है। सामान्य वर्षा होने पर प्रतिवर्ष औसतन एक से सवा लाख बोरी ग्वार की उपज होती है। इस वर्ष कमजोर मानसून के चलते उत्पादन घटकर 35 से 40 हजार बोरी रहने का अनुमान है। पैदावार में कमी और मांग अधिक होने से बाजार में कीमतों में तेजी आई है। लंबे समय से कम भाव मिलने के कारण निराश किसानों और कारोबारियों को अब कीमतों में सुधार से उम्मीद बंधी है।

Guar Gum Use: कई उद्योगों में होता है ग्वार का उपयोग

Photo: Notebooklm

ग्वार का उपयोग मुख्य रूप से पशु आहार के अलावा कागज, दवा, वस्त्र और कॉस्मेटिक उद्योगों में होता है। तेल कुओं की खुदाई में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। कीमतों में तेजी से किसानों और स्टॉकिस्ट व्यापारियों को फायदा मिल रहा है। हालांकि, ग्वार के भाव बढ़ने से पशु आहार महंगा होने की आशंका के चलते पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Guar Price Hike: 2012 में 31 हजार रुपए तक पहुंचा था ग्वार का भाव

वर्ष 2012 में ग्वार की कीमत रिकॉर्ड 31 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। उस समय किसानों और स्टॉकिस्ट व्यापारियों को बड़ा फायदा हुआ था। हालांकि, इसके बाद भाव में भारी गिरावट शुरू हुई और कीमत घटते-घटते 4500 से 5000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। इससे कई किसान और व्यापारी कर्जदार हो गए थे। अब लंबे अंतराल के बाद कीमतों में फिर तेजी आने से किसानों और कारोबारियों में उत्साह है।

Updated on:
13 Oct 2026 04:46 pm
Published on:
13 Oct 2026 04:45 pm