बेतुल

चोपना में भाजपा नेता के अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

चरनोई की शासकीय भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था काम्प्लेक्स, आधी दुकानें भी बेच दी, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई। बैतूल/घोड़ाडोंगरी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी और रिट याचिका की खारिजी के बाद अंतत: जिला प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को घोड़ाडोंगरी-चोपना क्षेत्र में शासकीय चरनोई भूमि पर बने पक्के अतिक्रमण […]

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चरनोई की शासकीय भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था काम्प्लेक्स, आधी दुकानें भी बेच दी, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई।

बैतूल/घोड़ाडोंगरी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी और रिट याचिका की खारिजी के बाद अंतत: जिला प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को घोड़ाडोंगरी-चोपना क्षेत्र में शासकीय चरनोई भूमि पर बने पक्के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। चोपना के मुख्य बाजार में भाजपा नेता तपन विश्वास ने सरकारी जमीन पर काम्प्लेक्स का निर्माण कराया था। काम्प्लेक्स की आधी दुकानें बेच दी गई थी। काम्प्लेक्स में बनी अवैध दुकानों को राजस्व एवं पुलिस अमले ने पोकलेन और जेसीबी की मदद से लगभग 4200 वर्गफुट (60बाय70 फीट) क्षेत्र में बनी 14 अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
शासकीय भूमि पर किया था अवैध अतिक्रमण
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे और रिकॉर्ड के अनुसार, खसरा नंबर 102, कुल रकबा 0.960 हेक्टेयर, राजस्व अभिलेखों में चरनोई मद के रूप में दर्ज शासकीय भूमि है। इस भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर नायब तहसीलदार ने 06 अक्टूबर 2016 को मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत बेदखली और 40,000 रुपए जुर्माने का आदेश पारित किया था। उक्त आदेश को बाद में 12 अप्रेल 2017 को एसडीओ तथा 28 दिसंबर 2017 को कलेक्टर द्वारा भी पुष्टि दी गई थी। इसके बावजूद, वर्षों तक इन आदेशों का पालन नहीं हुआ।
न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में कभी कोई अंतरिम स्टे नहीं था, फिर भी 2016 से आदेशों को लागू नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए रिट याचिका को कार्रवाई न होने के कारण खारिज कर दिया और राज्य के मुख्य सचिव को आदेश की प्रति भेजकर यह सुनिश्चित करने को कहा कि धारा 248 के तहत पारित आदेशों का अनुपालन हो तथा जिन अधिकारियों ने वर्षों तक आदेशों का पालन नहीं किया, उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही, 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
0.960 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर था अतिक्रमण
शनिवार की कार्रवाई को लेकर प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर उसी हिस्से में चलाया गया, जिस पर न्यायालयीन आदेश प्रभावी था। हालांकि अदालत के रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि पूरी 0.960 हेक्टेयर भूमि शासकीय है और उस पर अन्य निर्माण भी मौजूद हैं। कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर, घोड़ाडोंगरी तहसीलदार, चोपना के नायब तहसीलदार, एसडीओपी सारनी, संबंधित थाना प्रभारी, राजस्व विभाग एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। 4200 वर्गफुट क्षेत्र में तो अतिक्रमण हट गया है, लेकिन पूरी 0.960 हेक्टेयर शासकीय भूमि में शेष अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर अब सबकी निगाहें आगामी कार्रवाई और न्यायालय में प्रस्तुत होने वाली अनुपालन रिपोर्ट पर टिकी हैं।
इनका कहना
-शेष अतिक्रमणों के लिए सीमांकन पूरा कर लिया गया है और संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नियमानुसार सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • प्रपंज आर, अनुभव विभागीय अधिकारी शाहपुर।
Published on:
28 Feb 2026 09:10 pm
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