बेतुल

ऑनलाइन रिटर्न के नाम पर साइबर ठगी, युवक के खाते से 99 हजार की निकासी

बैतूल। जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम खेड़ीसावलीगढ़ में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां व्यवसाय से जुड़े नितेश पिता सुरेश राठौर सुनियोजित ढंग से साइबर ठगों का शिकार हो गए। ठगों ने ऑनलाइन खरीदारी के रिटर्न की प्रक्रिया के नाम पर उनसे ओटीपी प्राप्त कर उनके बैंक खाते से कुल […]

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बैतूल। जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम खेड़ीसावलीगढ़ में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां व्यवसाय से जुड़े नितेश पिता सुरेश राठौर सुनियोजित ढंग से साइबर ठगों का शिकार हो गए। ठगों ने ऑनलाइन खरीदारी के रिटर्न की प्रक्रिया के नाम पर उनसे ओटीपी प्राप्त कर उनके बैंक खाते से कुल 99 हजार 499 रुपये निकाल लिए। घटना के बाद पीडि़त ने साइबर सेल बैतूल और बैंक ऑफ बड़ौदा की संबंधित शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पीडि़त नितेश राठौर ने बताया कि उन्होंने एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से चप्पल मंगाई थी, लेकिन वह उन्हें पसंद नहीं आई। इसके बाद उन्होंने चप्पल रिटर्न करने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म पर प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान खुद को सेल्समैन बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने रिटर्न के लिए ओटीपी साझा करने को कहा। व्यस्तता और जल्दबाजी में नितेश ने ओटीपी बता दी। ओटीपी साझा करने के कुछ ही मिनटों बाद उनके मोबाइल फोन पर बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से तीन मैसेज प्राप्त हुए, जिनमें यूपीआई के माध्यम से 49 हजार रुपये, 50 हजार रुपये और 499 रुपये की राशि खाते से निकलने की जानकारी दी गई। खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिलते ही नितेश के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल बैंक शाखा पहुंचकर मामले की सूचना दी और साइबर सेल बैतूल में भी शिकायत दर्ज कराई। पीडि़त ने बैंक स्टेटमेंट और साइबर सेल में दी गई शिकायत की प्रतियां भी मीडिया को उपलब्ध कराई हैं। साइबर सेल ने मामले में जांच शुरू कर दी है और जल्द ही ठगों तक पहुंचने का आश्वासन दिया है।नितेश राठौर का कहना है कि वे इस घटना के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करना चाहते हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन खरीदारी, रिटर्न या रिफंड के दौरान अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करे। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
साइबर ठगी से बचाव के तरीके

  1. कभी भी ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन या सीवीवी नंबर किसी को न बताएं।
  2. ऑनलाइन रिटर्न या रिफंड के लिए ओटीपी की मांग होने पर सतर्क हो जाएं, क्योंकि कंपनियां ओटीपी नहीं मांगतीं।
  3. अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें।
  4. किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
  5. बैंकिंग ऐप और मोबाइल में मजबूत पासवर्ड व सुरक्षा सेटिंग्स का उपयोग करें।
  6. सावधानी और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
Published on:
24 Dec 2025 08:34 pm
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